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'जरा सी आहट और सीधी मौत...', जानिए कैसे रानी एलिजाबेथ प्रथम के दौर में सीक्रेट कमरों में छिपते थे धर्मगुरु!
 

'जरा सी आहट और सीधी मौत...', जानिए कैसे रानी एलिजाबेथ प्रथम के दौर में सीक्रेट कमरों में छिपते थे धर्मगुरु!

इतिहास के पन्नों में कई ऐसी कहानियां दर्ज हैं, जिन्हें सुनकर आज भी लोग हैरान रह जाते हैं। ऐसी ही एक कहानी है इंग्लैंड की महारानी एलिजाबेथ प्रथम के शासनकाल की, जब कुछ धर्मगुरुओं को अपनी जान बचाने के लिए घरों के अंदर बने बेहद गुप्त कमरों में छिपकर रहना पड़ता था।

हर कदम पर मौत का डर

16वीं सदी में इंग्लैंड में धार्मिक संघर्ष काफी बढ़ गया था। उस समय कैथोलिक धर्मगुरुओं के लिए हालात बेहद खतरनाक थे। अगर किसी घर में उनके छिपे होने की भनक भी लग जाती, तो उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता था और सजा-ए-मौत तक दी जा सकती थी।इसी डर के कारण कई परिवारों ने अपने घरों में गुप्त कमरे (Priest Holes) बनवाए, जहां धर्मगुरु छिपकर अपनी जान बचा सकें।

दीवारों और फर्श के पीछे बनाए जाते थे कमरे

ये सीक्रेट कमरे इतने चालाकी से बनाए जाते थे कि बाहर से उनका पता लगाना लगभग नामुमकिन होता था। कई बार ये कमरे दीवारों, सीढ़ियों के नीचे या फर्श के अंदर बनाए जाते थे।इनमें रहने वाले लोगों को घंटों या कई दिनों तक बिना आवाज किए छिपकर रहना पड़ता था। एक छोटी सी आहट भी उनके लिए खतरा बन सकती थी।

वास्तुकला का अनोखा उदाहरण

आज भी इंग्लैंड के कई पुराने घरों में ऐसे गुप्त कमरों के अवशेष देखने को मिलते हैं। ये कमरे उस दौर की धार्मिक राजनीति, डर और लोगों की सूझबूझ की कहानी बताते हैं।

इतिहास का खौफनाक अध्याय

एलिजाबेथ प्रथम का दौर इंग्लैंड के इतिहास का एक महत्वपूर्ण समय था। उस समय सत्ता, धर्म और राजनीति के बीच संघर्ष ने आम लोगों की जिंदगी को भी प्रभावित किया।गुप्त कमरों की ये कहानी बताती है कि इतिहास में ऐसे दौर भी आए, जब सिर्फ अपने विश्वास के कारण लोगों को छिपकर और डर के साए में जिंदगी बितानी पड़ी।

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