ऑफिस में देर तक बैठना ही सफलता की गारंटी नहीं, करियर में आगे बढ़ने के लिए भरोसा बनाना ज्यादा जरूरी
ऑफिस में देर तक बैठकर काम करना अक्सर मेहनत, लगन और जिम्मेदारी की निशानी माना जाता है। कई कर्मचारियों को लगता है कि अगर वे अपने साथियों से ज्यादा घंटे काम करेंगे, हर समय व्यस्त दिखाई देंगे और थकान की परवाह किए बिना काम करते रहेंगे, तो इसका सीधा फायदा उनके करियर को मिलेगा। हालांकि, एक महिला ने इस सोच पर सवाल उठाते हुए बताया है कि प्रोफेशनल जिंदगी में आगे बढ़ने के लिए सिर्फ ज्यादा घंटे काम करना ही पर्याप्त नहीं है। असली फर्क इस बात से पड़ता है कि कर्मचारी अपने काम के जरिए कितना भरोसा पैदा करता है।
महिला के मुताबिक, किसी कर्मचारी की पहचान केवल इस बात से नहीं होनी चाहिए कि वह ऑफिस में कितने घंटे मौजूद रहता है। इससे ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि जब कोई जिम्मेदारी उसे दी जाती है तो वह उसे कितनी गंभीरता से पूरा करता है। क्या वह तय समय पर काम पूरा करता है? क्या उसके काम की गुणवत्ता लगातार बनी रहती है? क्या टीम के दूसरे सदस्य उस पर भरोसा कर सकते हैं? यही सवाल लंबे समय में किसी कर्मचारी की प्रोफेशनल पहचान तय करते हैं।
अक्सर कंपनियों में ऐसे कर्मचारी दिखाई देते हैं जो सुबह जल्दी ऑफिस पहुंचते हैं और देर रात तक काम करते हैं। वे लगातार व्यस्त भी नजर आते हैं, लेकिन सिर्फ लंबे समय तक काम करने से हमेशा बेहतर परिणाम नहीं मिलते। कई बार ज्यादा घंटे काम करने के बावजूद अगर काम में गलतियां हों, प्राथमिकताएं स्पष्ट न हों या समय पर नतीजे न मिलें तो मेहनत का प्रभाव कम हो सकता है।
इसके विपरीत, कोई कर्मचारी कम समय में भी महत्वपूर्ण काम पूरा कर सकता है और लगातार अच्छे परिणाम दे सकता है। ऐसे कर्मचारी धीरे-धीरे अपने मैनेजर और टीम के बीच भरोसा कायम करते हैं। उन्हें जिम्मेदारियां सौंपने में वरिष्ठ अधिकारियों को कम चिंता होती है, क्योंकि उन्हें विश्वास होता है कि काम सही तरीके से पूरा किया जाएगा।
करियर में भरोसा बनाने का मतलब केवल समय पर काम पूरा करना नहीं है। इसमें स्पष्ट संवाद, जिम्मेदारी स्वीकार करना, गलती होने पर उसे छिपाने के बजाय सुधारना और जरूरत के समय टीम के साथ खड़े रहना भी शामिल है। अगर किसी कर्मचारी की बात पर भरोसा किया जा सकता है और उसके काम के नतीजे लगातार अच्छे आते हैं, तो उसकी प्रोफेशनल वैल्यू अपने आप बढ़ने लगती है।
यह सोच खास तौर पर उन कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण है जो लगातार खुद को साबित करने के दबाव में रहते हैं। हर समय व्यस्त दिखना और जरूरत से ज्यादा काम करना लंबे समय में थकान और बर्नआउट का कारण भी बन सकता है। इसलिए काम के घंटे बढ़ाने के बजाय काम करने के तरीके और परिणामों पर ध्यान देना ज्यादा प्रभावी हो सकता है।
आखिरकार करियर में सफलता केवल इस बात से तय नहीं होती कि आपने ऑफिस में कितने घंटे बिताए। लंबे समय तक आगे बढ़ने के लिए जरूरी है कि लोग आपके काम, निर्णय और जिम्मेदारी पर भरोसा कर सकें। मेहनत जरूरी है, लेकिन उस मेहनत से पैदा होने वाला भरोसा आपकी पेशेवर पहचान को मजबूत करता है। यही भरोसा भविष्य में बड़ी जिम्मेदारियों और बेहतर अवसरों का रास्ता खोल सकता है।

