Shiksha Dagar Case: पूर्व मंत्री पर लगे आरोपों के बीच फिर चर्चा में आया मामला, न्याय की मांग को लेकर सामने आया वीडियो
हरियाणा की एथलीट और कोच शिखा डागर से जुड़ा पुराना मामला एक बार फिर सोशल मीडिया पर चर्चा में है। सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में शिखा ने पिछले दो वर्षों से मानसिक उत्पीड़न और धमकियां मिलने का दावा करते हुए न्याय की मांग की है।
क्या है पूरा मामला?
मामला उस समय का है, जब शिखा खेल विभाग में जूनियर कोच के पद पर नियुक्ति की प्रक्रिया में थीं। शिकायत के अनुसार, तत्कालीन खेल मंत्री संदीप सिंह ने सोशल मीडिया के जरिए उनसे संपर्क किया था। शिखा ने आरोप लगाया था कि उन्हें कार्यालय के एक अलग केबिन में बुलाया गया, जहां उनके साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार किया गया।
शिकायत में शिखा ने यह भी आरोप लगाया था कि इस दौरान हाथापाई हुई और उनकी टी-शर्ट फट गई थी। हालांकि, वह वहां से निकलने में सफल रहीं। इसके बाद उन्होंने कथित तौर पर लगातार दबाव और उत्पीड़न का सामना करने की बात कही थी।
शिकायत के बाद बढ़ा मामला
यह है शिक्षा डागर, जो हरियाणा की एक अंतरराष्ट्रीय एथलीट एवं कोच हैं, जिनका यह वायरल वीडियो सीधे सिस्टम और महिला सुरक्षा के दावों पर कड़े सवाल खड़े करता है।
— Vishal M. Yadav (@VishalMYadav_) September 21, 2026
यह मामला पुराना है, खेल विभाग में जूनियर कोच के रूप में नियुक्ति प्रक्रिया के दौरान, खेल मंत्री संदीप सिंह ने शिक्षा को… pic.twitter.com/VK9IV9s1uG
शिखा की शिकायत के बाद संदीप सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। विवाद बढ़ने के बाद उन्होंने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। मामला अब भी न्यायिक प्रक्रिया में है और आरोपों पर अंतिम फैसला अदालत द्वारा किया जाना बाकी है।
वीडियो के जरिए फिर उठाई आवाज
अब शिखा ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा कर दावा किया है कि वह लंबे समय से मानसिक परेशानी और धमकियों का सामना कर रही हैं। उन्होंने कहा कि वह न्याय मिलने तक अपनी लड़ाई जारी रखेंगी।
रिपोर्ट के मुताबिक, शिखा ने चंडीगढ़ की अदालत में एक आवेदन भी दिया है। इसमें उन्होंने संदीप सिंह के खिलाफ पहले से दर्ज धाराओं में बदलाव/बढ़ोतरी की मांग की है। आवेदन में मामले की परिस्थितियों को देखते हुए दुष्कर्म के प्रयास से संबंधित धारा जोड़ने की मांग किए जाने की बात कही गई है।
अदालत के फैसले का इंतजार
यह मामला फिलहाल न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा है। शिखा की ओर से लगाए गए आरोपों और उनके द्वारा की गई कानूनी मांगों पर अंतिम निर्णय अदालत की सुनवाई और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगा। सोशल मीडिया पर मामला दोबारा चर्चा में आने के बाद महिला सुरक्षा और खेल क्षेत्र में शिकायतों की प्रक्रिया को लेकर भी बहस तेज हुई है।

