'किडनी बेचकर घर जा रही', दिवाली-छठ पर फ्लाइट का किराया देख लोग बोले- उससे सस्ता तो मॉलदीव जाना है
दिवाली और छठ जैसे बड़े त्योहारों पर अपने घर जाने की तैयारी कर रहे लोगों के सामने इस बार हवाई टिकटों की कीमतें बड़ी परेशानी बन सकती हैं। त्योहारों के दौरान दूसरे शहरों में नौकरी या पढ़ाई करने वाले लोग अपने परिवार के साथ समय बिताने के लिए घर लौटना चाहते हैं। लेकिन फ्लाइट का किराया देखकर कई यात्रियों का बजट बिगड़ रहा है। सोशल मीडिया पर इसी परेशानी को लेकर एक महिला का बयान चर्चा में है। उसने टिकट की कीमतों पर तंज कसते हुए कहा कि वह किडनी बेचकर घर जा रही है। वहीं, कुछ लोगों ने मजाक में कहा कि इन टिकटों से सस्ता तो मालदीव घूमना पड़ सकता है।
त्योहारों पर घर जाना क्यों पड़ता है महंगा?
दिवाली और छठ के दौरान देश के कई शहरों से बिहार, उत्तर प्रदेश और दूसरे राज्यों की ओर जाने वाले यात्रियों की संख्या बढ़ जाती है। खासकर दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे बड़े शहरों में काम करने वाले लोग त्योहारों पर अपने परिवार के पास पहुंचना चाहते हैं।
यात्रियों की मांग बढ़ने पर हवाई टिकटों की कीमतों में भी तेजी देखने को मिल सकती है। जिन रूटों पर सीमित उड़ानें उपलब्ध हैं, वहां आखिरी समय में टिकट बुक करने वालों को ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ सकते हैं। ऐसे में कम बजट में यात्रा की योजना बनाने वाले लोगों के लिए घर पहुंचना मुश्किल हो जाता है।
'किडनी बेचकर घर जा रही हूं' वाली टिप्पणी क्यों हुई वायरल?
महंगे टिकटों को लेकर सोशल मीडिया पर लोग अलग-अलग अंदाज में अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। किसी ने टिकट की कीमतों को लेकर मजाक किया, तो किसी ने त्योहारों पर हवाई यात्रा को आम लोगों के बजट से बाहर बताया।
'किडनी बेचकर घर जा रही हूं' जैसी टिप्पणी इसी परेशानी को बढ़ा-चढ़ाकर बताने का एक व्यंग्यात्मक तरीका है। इसका मकसद टिकटों की महंगाई पर तंज कसना है। हालांकि, संबंधित महिला का मूल वीडियो या पोस्ट सामने आए बिना उसके बयान का पूरा संदर्भ और टिकट की वास्तविक कीमत की पुष्टि नहीं की जा सकती।
लोगों ने कहा- मालदीव जाना ज्यादा सस्ता पड़ेगा
सोशल मीडिया पर महंगे हवाई किराए की तुलना विदेश यात्रा से भी की जा रही है। कुछ यूजर्स का कहना है कि त्योहारों के दौरान घरेलू रूट पर टिकट खरीदने में जितने पैसे खर्च हो रहे हैं, उतने में कभी-कभी अंतरराष्ट्रीय यात्रा के अच्छे विकल्प तलाशे जा सकते हैं।
हालांकि, ऐसी तुलना करते समय केवल हवाई टिकट की कीमत देखना पर्याप्त नहीं है। मालदीव जैसी जगह पर जाने के लिए वीजा संबंधी नियम, होटल, स्थानीय परिवहन, भोजन और अन्य खर्च भी जोड़ने पड़ते हैं। इसी तरह घरेलू यात्रा का किराया भी तारीख, एयरलाइन, सामान और बुकिंग के समय के अनुसार बदलता है।
ट्रेन में भी बढ़ जाती है यात्रियों की भीड़
त्योहारों पर घर जाने वाले यात्रियों के लिए ट्रेन एक प्रमुख विकल्प होती है। लेकिन दिवाली और छठ के समय ट्रेनों में भी भारी भीड़ रहती है। कन्फर्म टिकट मिलना मुश्किल हो सकता है और कई यात्रियों को विशेष ट्रेनों या वैकल्पिक रूट का सहारा लेना पड़ता है।
ऐसे में कुछ लोग समय बचाने के लिए महंगी फ्लाइट बुक करते हैं, जबकि दूसरे लोग बजट के हिसाब से ट्रेन या बस से यात्रा करना पसंद करते हैं।
टिकट बुक करने से पहले क्या करें?
त्योहारों पर यात्रा करने वालों को सलाह दी जाती है कि वे जितना संभव हो, टिकट पहले बुक करें। अलग-अलग तारीखों और एयरलाइनों के किराए की तुलना करें और नजदीकी हवाई अड्डों से उपलब्ध विकल्प भी देखें। ट्रेन से जाने की योजना हो तो आरक्षण की स्थिति और विशेष ट्रेनों की जानकारी समय पर प्राप्त करना उपयोगी रहता है।
कुल मिलाकर, दिवाली और छठ पर हवाई टिकटों की कीमतों को लेकर सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं त्योहारों के दौरान यात्रा की बढ़ती चुनौती को सामने लाती हैं। हालांकि, किसी खास रूट पर किराया कितना बढ़ा है और मालदीव की यात्रा से उसकी तुलना कितनी सही है, यह जानने के लिए संबंधित तारीखों और टिकटों की वास्तविक कीमतों की जानकारी जरूरी है।

