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Secret Disease Ads: दीवारों पर '15 दिन में मर्दाना ताकत' के दावे, फर्जी इलाज के कारोबार पर उठे सवाल
 

Secret Disease Ads: दीवारों पर '15 दिन में मर्दाना ताकत' के दावे, फर्जी इलाज के कारोबार पर उठे सवाल

देश के कई हिस्सों में सार्वजनिक दीवारों, बिजली के खंभों, ट्यूबवेल, बसों और दूसरी जगहों पर ऐसे विज्ञापन आसानी से दिखाई दे जाते हैं, जिनमें गुप्त रोगों और मर्दाना कमजोरी का इलाज करने के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं। कहीं कुछ दिनों में ताकत बढ़ाने का दावा होता है तो कहीं हर तरह की समस्या का इलाज करने का भरोसा दिया जाता है।

### दीवारों से लेकर बस-ट्रेन तक फैले विज्ञापन

शहर हो या गांव, सार्वजनिक जगहों पर इस तरह के विज्ञापनों की भरमार देखने को मिलती है। दीवारों पर लिखे संदेशों में कम समय में इलाज, शारीरिक क्षमता बढ़ाने और गुप्त रोग दूर करने जैसे दावे किए जाते हैं।

कई बार इन विज्ञापनों में ऐसे आकर्षक वादे किए जाते हैं, जिनसे परेशान लोग आसानी से प्रभावित हो सकते हैं। समस्या यह है कि इन दावों की वास्तविकता और इलाज करने वाले लोगों की योग्यता की जानकारी अक्सर स्पष्ट नहीं होती।

### फर्जी दावों के चक्कर में फंस रहे लोग?


ऐसे विज्ञापनों को लेकर सबसे बड़ी चिंता यह है कि इनके झांसे में आकर लोग बिना उचित चिकित्सकीय सलाह के इलाज शुरू कर सकते हैं। इससे न केवल पैसा बर्बाद होने का खतरा रहता है, बल्कि गलत या अप्रमाणित दवाओं के इस्तेमाल से स्वास्थ्य को नुकसान भी पहुंच सकता है।

कई मामलों में बीमारी या समस्या का सही कारण जानने के बजाय लोग विज्ञापन में दिए गए नंबरों पर संपर्क कर लेते हैं और तथाकथित इलाज कराने लगते हैं।

### सरकार से कार्रवाई की मांग

इस तरह के विज्ञापनों पर सवाल उठाते हुए सरकार और संबंधित विभागों से निगरानी बढ़ाने की मांग की जा रही है। खासतौर पर ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जरूरत बताई जा रही है, जो बिना उचित चिकित्सकीय आधार के गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के इलाज का दावा करते हैं।

सार्वजनिक स्थानों पर बिना अनुमति विज्ञापन लिखने से शहर की दीवारें भी खराब होती हैं और लोगों के बीच भ्रामक स्वास्थ्य दावों का प्रचार भी होता है।

### जरूरत है जागरूक रहने की

गुप्त रोग या किसी भी स्वास्थ्य समस्या को लेकर आकर्षक विज्ञापनों के आधार पर इलाज शुरू करने के बजाय योग्य और पंजीकृत डॉक्टर से सलाह लेना ज्यादा सुरक्षित है। 'कुछ दिनों में पक्का इलाज' या 'गारंटी से ताकत बढ़ाने' जैसे दावों को लेकर विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

ऐसे विज्ञापनों पर कार्रवाई के साथ-साथ लोगों को जागरूक करना भी जरूरी है, ताकि कोई व्यक्ति झूठे वादों के कारण अपनी सेहत और पैसे दोनों को जोखिम में न डाले।
 

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