Samachar Nama
×

कॉलेज प्रोजेक्ट का बहाना बनाकर दोस्तों संग पहाड़ों पर पहुंची रिया, मौसम बिगड़ा तो हुआ जिंदगी का सबसे बड़ा सबक!

कॉलेज प्रोजेक्ट का बहाना बनाकर दोस्तों संग पहाड़ों पर पहुंची रिया, मौसम बिगड़ा तो हुआ जिंदगी का सबसे बड़ा सबक!

कॉलेज प्रोजेक्ट का बहाना बनाकर रिया ने अपने माता-पिता से झूठ बोला और दोस्तों के साथ पहाड़ों की खूबसूरत वादियों में घूमने निकल गई। घरवालों को लगा कि रिया कॉलेज के काम में व्यस्त है, लेकिन असल में वह दोस्तों के साथ एक ऐसे सफर पर थी, जिसके बारे में परिवार को कोई जानकारी नहीं थी।

null


शुरुआत में यह सफर उसके लिए किसी सपने से कम नहीं था। चारों तरफ बर्फ से ढकी पहाड़ियां, ठंडी हवाएं, बादलों से घिरी चोटियां और प्रकृति का शानदार नजारा देखकर रिया बेहद खुश थी। उसे लग रहा था कि आखिरकार उसे अपनी जिंदगी में कुछ पल खुलकर जीने का मौका मिला है। दोस्तों के साथ तस्वीरें खींचना, पहाड़ों पर घूमना और खूबसूरत नजारों को कैमरे में कैद करना उसके लिए किसी एडवेंचर से कम नहीं था।

इसी बीच घर से लगातार फोन आने लगे। मां-बाप उसकी चिंता में बार-बार फोन कर रहे थे, लेकिन रिया हर बार किसी न किसी बहाने से कॉल काट देती। कभी कहती कि कॉलेज का काम चल रहा है, तो कभी कहती कि नेटवर्क ठीक नहीं है। उसे अंदाजा भी नहीं था कि जिस सफर को वह अपनी आजादी और रोमांच का हिस्सा समझ रही है, वही कुछ घंटों बाद उसके लिए डरावना अनुभव बनने वाला है।

शाम होते-होते पहाड़ों का मौसम अचानक बदल गया। तेज हवाओं के साथ बारिश और बर्फबारी शुरू हो गई। देखते ही देखते रास्तों पर मुश्किलें बढ़ने लगीं। इसी दौरान भारी भूस्खलन हुआ और पहाड़ से मलबा गिरने के कारण मुख्य रास्ता पूरी तरह बंद हो गया। कई गाड़ियां रास्ते में फंस गईं और लोगों के लिए आगे बढ़ना मुश्किल हो गया।

रिया को अब पहली बार अपनी स्थिति की गंभीरता का एहसास हुआ। जिस जगह पर कुछ घंटे पहले वह दोस्तों के साथ घूमकर खुश हो रही थी, वहीं अब चारों तरफ डर और अनिश्चितता का माहौल था। फोन में नेटवर्क भी गायब हो चुका था। वह अपने परिवार से संपर्क नहीं कर पा रही थी और घरवाले भी उससे संपर्क नहीं कर पा रहे थे।

रिया किसी तरह एक अनजान होटल तक पहुंची और वहां एक कमरे में रुक गई। बाहर मौसम लगातार खराब होता जा रहा था। कमरे में बैठकर जब उसने टीवी पर उसी इलाके में हुए भूस्खलन और तबाही की तस्वीरें देखीं, तो उसके चेहरे की खुशी धीरे-धीरे डर में बदल गई।

उस वक्त उसे पहली बार एहसास हुआ कि घर पर उसके माता-पिता किस हालत से गुजर रहे होंगे। उन्हें तो यह तक नहीं पता था कि उनकी बेटी असल में कहां है। रिया ने सोचा कि अगर उसके साथ कोई अनहोनी हो जाती, तो उसके माता-पिता को उसकी सही लोकेशन तक पता नहीं होती। जिस झूठ को वह छोटा और सामान्य समझकर बोलकर आई थी, वही झूठ अब उसके परिवार के लिए सबसे बड़ी चिंता बन चुका था।

दो दिन तक रास्ते बंद रहे और रिया अपने घरवालों से संपर्क नहीं कर सकी। इस दौरान उसके माता-पिता लगातार उसकी सलामती की चिंता में परेशान रहे। हर फोन की घंटी उन्हें उम्मीद देती और फिर निराशा में बदल जाती। दूसरी तरफ रिया भी होटल के कमरे में बैठकर लगातार यही सोचती रही कि उसने अपने परिवार के साथ कितना बड़ा झूठ किया है।

आखिरकार दो दिन बाद सेना और राहत दलों की मदद से रास्ता साफ कराया गया और इलाके में संपर्क व्यवस्था धीरे-धीरे बहाल हुई। जैसे ही रिया का फोन नेटवर्क से जुड़ा, उसने सबसे पहले घर पर फोन किया। फोन उठाते ही दूसरी तरफ उसकी मां की आवाज सुनाई दी। मां की आवाज में गुस्से से ज्यादा डर, चिंता और राहत थी।

रिया कुछ बोल नहीं पाई। मां-बाप की आंखों से निकले आंसुओं ने उसे वह सबक सिखा दिया, जो शायद कोई समझाइश नहीं सिखा सकती थी। उसे समझ आया कि जिंदगी में घूमना-फिरना, दोस्तों के साथ समय बिताना और एडवेंचर करना गलत नहीं है, लेकिन अपनों से झूठ बोलकर अपनी खुशी हासिल करना कई बार बहुत भारी पड़ सकता है।

इस पूरे अनुभव के बाद रिया ने अपने माता-पिता से माफी मांगी और वादा किया कि आगे से वह अपनी किसी भी यात्रा या प्लान के बारे में उनसे झूठ नहीं बोलेगी। उसे एहसास हो चुका था कि माता-पिता की डांट और रोक-टोक के पीछे उनकी चिंता और प्यार छिपा होता है।

रिया का यह अनुभव एक बड़ा संदेश देता है कि आजादी का मतलब अपनों का भरोसा तोड़ना नहीं होता। जिंदगी में रोमांच और खुशियां जरूरी हैं, लेकिन उन खुशियों की कीमत किसी अपने की चिंता और आंसू नहीं होने चाहिए।

कभी-कभी एक छोटी सी लापरवाही और एक छोटा सा झूठ ऐसी परिस्थिति पैदा कर सकता है, जिसकी हमने कल्पना भी नहीं की होती। इसलिए अगर कहीं घूमने जा रहे हैं या कोई बड़ा प्लान बना रहे हैं, तो अपने परिवार को जरूर बताएं। क्योंकि दुनिया में कितने भी खूबसूरत नजारे क्यों न हों, अपनों के भरोसे और उनकी दुआओं से बढ़कर कुछ नहीं होता।

Share this story

Tags