वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि आगामी महीनों में El Niño का प्रभाव जून से महसूस किया जा सकता है। इसके चलते भारत समेत पूरी दुनिया में मौसम पैटर्न पर बड़ा असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।
क्या होता है El Niño?
El Niño एक जलवायु घटना है, जिसमें प्रशांत महासागर के सतही पानी का तापमान सामान्य से अधिक गर्म हो जाता है। इसका सीधा असर वैश्विक मौसम प्रणाली पर पड़ता है, जिससे बारिश और तापमान दोनों में बड़ा बदलाव देखा जाता है।
क्या हो सकते हैं असर?
विशेषज्ञों के अनुसार El Niño के प्रभाव से कई क्षेत्रों में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी पड़ सकती है। इसके अलावा मानसून की सामान्य चाल भी प्रभावित होने की आशंका रहती है। भारत में इसका असर कृषि, जलस्रोत और तापमान पर पड़ सकता है।
भारत पर क्या असर संभव?
भारत में मानसून की स्थिति El Niño से काफी हद तक प्रभावित हो सकती है। बारिश में कमी या असमान वितरण जैसी स्थिति बन सकती है, जिससे खेती और पानी की उपलब्धता पर असर पड़ने की संभावना रहती है।
वैश्विक प्रभाव
यह केवल भारत ही नहीं, बल्कि कई अन्य देशों के मौसम पैटर्न को भी प्रभावित करता है। कुछ जगहों पर सूखा तो कुछ जगहों पर अत्यधिक बारिश की स्थिति बन सकती है।

