हर 100 घरेलू ओवरनाइट यात्राओं में 8 राजस्थान के नाम, देश में तीसरे स्थान पर पहुंचा पर्यटन
राजस्थान घरेलू पर्यटन के मामले में देश के प्रमुख राज्यों में शामिल हो गया है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) के घरेलू पर्यटन खर्च सर्वे के अनुसार, देश में कम से कम एक रात घर से बाहर ठहरने वाली हर 100 घरेलू यात्राओं में करीब 8 यात्राओं का गंतव्य राजस्थान रहा। इस आंकड़े के साथ राजस्थान घरेलू ओवरनाइट विजिटर ट्रिप के मामले में देश में तीसरे स्थान पर रहा।
सर्वे के मुताबिक, राजस्थान में पर्यटकों की संख्या में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। राज्य में पर्यटकों की संख्या 9.7 प्रतिशत बढ़कर 25.25 करोड़ तक पहुंच गई है। पर्यटन क्षेत्र में यह वृद्धि राजस्थान के ऐतिहासिक स्थलों, धार्मिक पर्यटन, किलों, महलों और प्राकृतिक स्थलों की लोकप्रियता को दर्शाती है।
राजस्थान देश और दुनिया के पर्यटकों के लिए लंबे समय से आकर्षण का केंद्र रहा है। जयपुर, उदयपुर, जोधपुर, जैसलमेर, अजमेर, पुष्कर, रणथंभौर और माउंट आबू जैसे पर्यटन स्थल बड़ी संख्या में पर्यटकों को आकर्षित करते हैं।
घरेलू पर्यटन में बढ़ती हिस्सेदारी से राज्य के होटल, परिवहन, हस्तशिल्प, स्थानीय बाजार और अन्य पर्यटन आधारित कारोबार को भी फायदा मिलता है। बड़ी संख्या में पर्यटकों के आने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ते हैं।
राजस्थान की पहचान ऐतिहासिक विरासत और संस्कृति के साथ-साथ धार्मिक पर्यटन के रूप में भी मजबूत हुई है। मेले, उत्सव और पारंपरिक आयोजन भी पर्यटकों को आकर्षित करने में अहम भूमिका निभाते हैं।
NSO के सर्वे में सामने आए आंकड़े बताते हैं कि घरेलू यात्रा करने वाले लोगों के बीच राजस्थान एक पसंदीदा गंतव्य बना हुआ है। राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों और बेहतर कनेक्टिविटी का असर भी पर्यटकों की संख्या में दिखाई दे रहा है।
पर्यटन विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले समय में राजस्थान में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन की संभावनाएं और बढ़ सकती हैं। इसके लिए बुनियादी सुविधाओं, पर्यटन स्थलों के विकास और बेहतर सेवाओं पर लगातार ध्यान देना जरूरी होगा।

