यूपी में बारिश थमी, लेकिन नदियां उफान पर; 26 जिलों में बाढ़ जैसे हालात, 4 लाख लोग प्रभावित
उत्तर प्रदेश में भले ही बारिश का सिलसिला फिलहाल थम गया है, लेकिन पहाड़ी इलाकों में हो रही लगातार बारिश का असर प्रदेश की नदियों पर दिखाई दे रहा है। कई नदियां उफान पर हैं और उनके जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। प्रदेश के 26 जिलों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। करीब 4 लाख की आबादी प्रभावित बताई जा रही है। नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण कई गांवों में पानी घुस गया है, जबकि बड़ी संख्या में खेत जलमग्न हो गए हैं।
गोंडा में सरयू नदी एक बार फिर उफान पर आ गई है। नदी का जलस्तर बढ़ने से आसपास के इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। हजारों बीघा फसलें पानी में डूब गई हैं। किसानों के सामने फसल बर्बाद होने का खतरा मंडरा रहा है। खेतों में पानी भरने से धान समेत अन्य फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है।
गोंडा में सरयू नदी के बढ़ते जलस्तर से 18 गांव प्रभावित हुए हैं। इन गांवों की करीब 14 हजार आबादी बाढ़ की स्थिति से प्रभावित बताई जा रही है। ग्रामीणों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई जगहों पर रास्तों पर पानी भरने से आवागमन प्रभावित हुआ है।
बाढ़ जैसे हालात को देखते हुए प्रशासन की टीमें प्रभावित इलाकों में नजर बनाए हुए हैं। नदियों के जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है। प्रशासन की ओर से संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए भी तैयारी रखी गई है।
प्रदेश के अन्य जिलों में भी नदियों का जलस्तर बढ़ने से चिंता बनी हुई है। पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश होने के कारण नदियों में पानी लगातार पहुंच रहा है। बारिश रुकने के बावजूद इसका असर मैदानी इलाकों में दिखाई दे रहा है। कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है।
बाढ़ की वजह से सबसे ज्यादा परेशानी किसानों को हो रही है। खेतों में पानी भरने से तैयार और खड़ी फसलों को नुकसान पहुंच रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में पशुओं के चारे की समस्या भी बढ़ सकती है। प्रशासन की टीमें प्रभावित गांवों की स्थिति का जायजा ले रही हैं और जरूरत के मुताबिक राहत व्यवस्था की जा रही है।
मौसम विभाग और प्रशासन की ओर से नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। लोगों से अपील की जा रही है कि वे बाढ़ के पानी में जाने से बचें और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करें।
फिलहाल यूपी में बारिश थमने के बावजूद बाढ़ का खतरा पूरी तरह टला नहीं है। पहाड़ों पर हो रही बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। आने वाले दिनों में नदियों का जलस्तर घटता है या हालात और गंभीर होते हैं, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।

