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जेल में सजी प्रेम की मंडप: बस्तर में कैदी की अनोखी शादी, कोर्ट के आदेश पर प्रेमिका ने रचाई विवाह की रस्में

जेल में सजी प्रेम की मंडप: बस्तर में कैदी की अनोखी शादी, कोर्ट के आदेश पर प्रेमिका ने रचाई विवाह की रस्में

छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले से शादी का एक अनोखा मामला सामने आया है, जिसने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। यहां जगदलपुर केंद्रीय जेल में एक कैदी की शादी कराई गई। खास बात यह रही कि जिस युवती से कैदी प्रेम करता था, उसी के परिजनों ने उसके खिलाफ मामला दर्ज कराया था। लेकिन प्रेमिका ने हार नहीं मानी और अपने प्यार को कानूनी रास्ते से मंजिल तक पहुंचाने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया।

जानकारी के अनुसार, कैदी और युवती एक-दूसरे से प्रेम करते थे। दोनों शादी करना चाहते थे, लेकिन युवती के परिवार की ओर से इस रिश्ते का विरोध किया गया। इसी दौरान युवक के खिलाफ मामला दर्ज हो गया और वह जेल पहुंच गया। जब युवती को इसकी जानकारी मिली तो उसने अपने प्रेमी का साथ देने का फैसला किया।

युवती ने अदालत में गुहार लगाई और अपनी इच्छा से प्रेमी से शादी करने की बात कही। मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने जेल परिसर में ही विवाह कराने की अनुमति दे दी। इसके बाद जेल में ही शादी की तैयारियां की गईं और परिसर में मंडप सजाया गया।

निर्धारित दिन जेल परिसर में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ विवाह की रस्में पूरी कराई गईं। इस दौरान दोनों पक्षों की मौजूदगी में कैदी और युवती ने एक-दूसरे को जीवनसाथी स्वीकार किया। जेल में हुई इस शादी को देखने वाले लोग भी इस अनोखे घटनाक्रम के गवाह बने।

इस मामले ने एक बार फिर यह चर्चा छेड़ दी है कि बालिग व्यक्ति को अपनी पसंद से जीवनसाथी चुनने का अधिकार है। कानूनी जानकारों के अनुसार, यदि दोनों पक्ष वयस्क हैं और अपनी इच्छा से विवाह करना चाहते हैं, तो कानून उन्हें यह अधिकार देता है।

वहीं, जेल प्रशासन ने भी अदालत के आदेश का पालन करते हुए विवाह की व्यवस्था कराई। अधिकारियों के अनुसार, सभी नियमों और सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए शादी की प्रक्रिया पूरी की गई।

इस अनोखी शादी की चर्चा अब पूरे इलाके में हो रही है। सोशल मीडिया पर भी लोग इसे प्रेम और संघर्ष की कहानी बता रहे हैं। कई लोगों का कहना है कि मुश्किल परिस्थितियों के बावजूद युवती ने अपने फैसले पर कायम रहकर अपने रिश्ते को नई पहचान दी।

हालांकि, युवक के खिलाफ दर्ज मामले की कानूनी प्रक्रिया अपनी जगह जारी रहेगी। शादी होने से मुकदमे की कार्रवाई पर कोई असर नहीं पड़ेगा। अदालत में मामले की सुनवाई कानून के अनुसार आगे भी चलती रहेगी।

बस्तर की यह घटना इसलिए खास बन गई क्योंकि आमतौर पर जेल को सजा और बंदिशों की जगह माना जाता है, लेकिन यहां उसी परिसर में दो लोगों के रिश्ते ने एक नई शुरुआत की। कोर्ट के आदेश पर हुई यह शादी अब इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है।

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