महिलाओं-बच्चों पर पुलिस की लाठी? सड़क की बदहाली के खिलाफ धरने का वीडियो वायरल
लखीमपुर खीरी के धौरहरा इलाके से सड़क की बदहाली को लेकर ग्रामीणों के प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई का मामला सामने आया है। सिसैया खुर्द गांव में ग्रामीण लंबे समय से खराब सड़क, कीचड़ और जलभराव की समस्या को लेकर विरोध कर रहे थे। हाल ही में ग्रामीणों ने विधायक और ग्राम प्रधान के खिलाफ नारेबाजी करते हुए ‘काम नहीं तो वोट नहीं’ का पोस्टर भी लगाया था।
लखीमपुर खीरी में खराब रास्तों को लेकर विधायक के खिलाफ धरने पर बैठी महिलाओं, बच्चों पर पुलिस ने किया लाठी चार्ज।
— Abhimanyu Singh (@Abhimanyu1305) September 16, 2026
एक पांच साल के ब#च्चे को इतनी गंभीर चोट लगी कि उसकी चने जैसी छोटी-छोटी गोलियां सूझकर अमरूद जितनी बड़ी बड़ी हो गईं, बच्चे का ईलाज कराया गया लेकिन सूजन कम नहीं हुई,… pic.twitter.com/YcRdo5IojM
लखीमपुर खीरी में खराब रास्तों को लेकर विधायक के खिलाफ धरने पर बैठी महिलाओं, बच्चों पर पुलिस ने किया लाठी चार्ज।
— Abhimanyu Singh (@Abhimanyu1305) September 16, 2026
एक पांच साल के ब#च्चे को इतनी गंभीर चोट लगी कि उसकी चने जैसी छोटी-छोटी गोलियां सूझकर अमरूद जितनी बड़ी बड़ी हो गईं, बच्चे का ईलाज कराया गया लेकिन सूजन कम नहीं हुई,… pic.twitter.com/YcRdo5IojM
अब ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि प्रदर्शन के बाद पुलिस गांव पहुंची और महिलाओं तथा बच्चों समेत कई लोगों के साथ मारपीट की गई। हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक, घटना में महिलाओं और बच्चों समेत 16 ग्रामीणों के घायल होने की बात सामने आई है। घायलों का धौरहरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज कराया गया।
ग्रामीणों का आरोप है कि कार्रवाई के दौरान महिलाओं के साथ भी पुलिस ने बल प्रयोग किया और मौके पर महिला पुलिसकर्मी मौजूद नहीं थीं। कुछ महिलाओं ने अपने शरीर पर लगी चोटों को दिखाते हुए पुलिस पर मारपीट का आरोप लगाया है।
ग्रामीणों की ओर से यह भी आरोप लगाया गया है कि प्रदर्शन के दौरान विधायक और ग्राम प्रधान के खिलाफ नारेबाजी के बाद पुलिस गांव पहुंची। हालांकि, विधायक के आदेश पर पुलिस ने मारपीट की—इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले में पुलिस का पक्ष और जांच के आधिकारिक निष्कर्ष सामने आना बाकी है।
सबसे ज्यादा चिंता बच्चों को लेकर जताई जा रही है। ग्रामीणों का दावा है कि एक करीब 5 साल के बच्चे को भी चोट लगी और इलाज के बाद भी उसके पैर में सूजन और दर्द की शिकायत बनी हुई है। बच्चे की चोट की गंभीरता और उसके कारण की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध रिपोर्ट से नहीं हो सकी है।
दरअसल, सिसैया खुर्द में खराब रास्तों और कीचड़ को लेकर पिछले दिनों ग्रामीणों का गुस्सा सामने आया था। ग्रामीणों ने सड़क की समस्या को लेकर प्रदर्शन किया और विधायक के खिलाफ भी नारे लगाए थे।
अब सवाल यही है—सड़क की समस्या को लेकर धरने पर बैठे ग्रामीणों के साथ वास्तव में क्या हुआ? क्या पुलिस ने जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग किया या कार्रवाई के पीछे कोई दूसरी वजह थी?मामले की पूरी तस्वीर पुलिस की जांच और दोनों पक्षों के आधिकारिक बयान सामने आने के बाद ही साफ होगी।

