27 साल में PhD, अस्पताल में डॉक्टर की नौकरी और मरीजों का प्यार… फिर अचानक सब छोड़कर डिलीवरी राइडर बन गई चीनी डॉक्टर
आमतौर पर लोग अच्छी पढ़ाई, बड़ी डिग्री और प्रतिष्ठित नौकरी को सफलता की निशानी मानते हैं। लेकिन चीन की एक महिला डॉक्टर ने इन सब चीजों के बावजूद अपनी जिंदगी की दिशा ही बदल दी। 31 साल की लियू जिहान ने महज 27 साल की उम्र में मेडिकल में PhD पूरी की, प्रतिष्ठित अस्पताल में मनोचिकित्सक और पोस्टडॉक्टरल रिसर्चर के तौर पर काम किया और मरीजों से खूब सम्मान भी पाया। इसके बावजूद उन्होंने अस्पताल की नौकरी छोड़ दी और अब डिलीवरी राइडर, पब सिंगर और नाश्ता बेचने जैसे अलग-अलग काम कर रही हैं।
लियू का जन्म चीन के हेबेई प्रांत में हुआ। उनका शुरुआती जीवन पढ़ाई और कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच गुजरा। उन्होंने कुछ समय हेंगशुई हाई स्कूल में पढ़ाई की, जो अपने बेहद अनुशासित शैक्षणिक माहौल के लिए जाना जाता है। इसके बाद उन्होंने सिचुआन यूनिवर्सिटी से मेडिकल की पढ़ाई की और यूनिवर्सिटी ऑफ मकाऊ के फैकल्टी ऑफ हेल्थ साइंसेज से डॉक्टरेट की डिग्री हासिल की।
साल 2022 में जब लियू 27 साल की थीं, तब उन्होंने PhD पूरी कर ली और चीन के झुहाई शहर के एक प्रतिष्ठित अस्पताल में मनोचिकित्सक के तौर पर काम शुरू किया। बाद में वह इसी अस्पताल में पोस्टडॉक्टरल रिसर्चर भी रहीं। उनके काम को मरीजों से अच्छी प्रतिक्रिया मिली। कुछ मरीजों ने उन्हें धन्यवाद पत्र दिए और उनके सम्मान में बैनर तक भेंट किए।
लियू को मरीजों के साथ सीधे और मानवीय तरीके से बातचीत करना पसंद था। लेकिन समय के साथ अस्पताल की तय दिनचर्या और काम का दबाव उन्हें परेशान करने लगा। उन्हें महसूस हुआ कि सिर्फ अच्छी सैलरी, सामाजिक सम्मान और प्रतिष्ठित करियर के लिए ऐसी जिंदगी जीना सही नहीं है, जिसमें उन्हें खुद संतुष्टि महसूस न हो।
करीब दो साल तक सोचने के बाद लियू ने इसी साल फरवरी में अपनी फुल-टाइम नौकरी छोड़ दी। इसके बाद उन्होंने कुछ समय यात्रा की और फिर कई अलग-अलग काम आजमाने शुरू किए। उन्होंने नाश्ता बेचा, डिलीवरी राइडर के तौर पर काम किया और पब में सिंगर के रूप में भी परफॉर्म किया।
लियू के लिए ये काम सिर्फ कमाई का जरिया नहीं बने। इन कामों के दौरान उनकी मुलाकात रेस्टोरेंट कर्मचारियों, स्ट्रीट वेंडर्स, पब में काम करने वाले लोगों और दूसरे डिलीवरी राइडर्स से हुई। उनका कहना है कि इन लोगों में उन्हें एक अलग तरह की सहजता, सकारात्मकता और एक-दूसरे की मदद करने की भावना दिखाई दी।
खास बात यह है कि लियू ने मेडिकल क्षेत्र को पूरी तरह छोड़ा नहीं है। वह अब भी पार्ट-टाइम थेरेपिस्ट के तौर पर काम करती हैं। उनका कहना है कि नई जिंदगी में उन्हें अपने समय पर ज्यादा नियंत्रण और कम तनाव महसूस होता है।
लियू की कहानी ने चीन में करियर और सफलता को लेकर नई बहस छेड़ दी है। उनकी जिंदगी यह सवाल सामने रखती है कि क्या सफलता सिर्फ बड़ी डिग्री, प्रतिष्ठित नौकरी और अच्छी सैलरी का नाम है? लियू ने अपने लिए अलग जवाब चुना है। उन्होंने पारंपरिक करियर की दौड़ से बाहर निकलकर ऐसी जिंदगी को प्राथमिकता दी, जिसमें उन्हें आजादी, मानवीय जुड़ाव और व्यक्तिगत संतुष्टि ज्यादा महसूस होती है।
उनकी कहानी उन युवाओं के लिए भी चर्चा का विषय बन गई है, जो समाज की तय की हुई सफलता की परिभाषा से अलग अपनी जिंदगी जीना चाहते हैं।

