दिल्ली मेट्रो में सफर के दौरान यात्रियों को लगातार कई तरह के निर्देश दिए जाते हैं। इनमें सबसे आम निर्देश होता है कि दरवाजा खुलने से पहले यात्रियों को एक तरफ हटकर खड़ा होना चाहिए, ताकि अंदर मौजूद लोग आसानी से बाहर निकल सकें।लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जहां मेट्रो के दरवाजे के सामने यात्री इस तरह खड़े नजर आए कि उतरने वाले यात्रियों के लिए रास्ता बनाना मुश्किल हो गया।
दिल्ली मे आपका स्वागत कृपया दरवाजा बाई तरफ खुलेंगे तो दरवाजे से हट कर खड़े हो.
— Shyam pal Singh (@Shyampa92199113) September 24, 2026
लेकिन. मनाता कोई नहीं क्योंकि कांड तो वही होता है. pic.twitter.com/Sxde4Rv3ic
दिल्ली मे आपका स्वागत कृपया दरवाजा बाई तरफ खुलेंगे तो दरवाजे से हट कर खड़े हो.
— Shyam pal Singh (@Shyampa92199113) September 24, 2026
लेकिन. मनाता कोई नहीं क्योंकि कांड तो वही होता है. pic.twitter.com/Sxde4Rv3ic
अनाउंसमेंट होती रही, लेकिन लोग नहीं हटे
मेट्रो में साफ आवाज में अनाउंसमेंट सुनाई देती है कि दरवाजा किस तरफ खुलेगा और यात्रियों को दरवाजे से हटकर खड़ा होना चाहिए। इसके बावजूद कई लोग दरवाजे के ठीक सामने खड़े नजर आते हैं।जैसे ही मेट्रो स्टेशन पर रुकती है, बाहर निकलने वाले यात्रियों और अंदर चढ़ने की तैयारी कर रहे लोगों के बीच धक्का-मुक्की जैसी स्थिति बन जाती है।
पहले उतरने दें, फिर मेट्रो में चढ़ें
मेट्रो में यात्रा करने का सामान्य शिष्टाचार यही है कि पहले अंदर मौजूद यात्रियों को बाहर निकलने दिया जाए और उसके बाद ही दूसरे यात्री मेट्रो में प्रवेश करें।अगर दरवाजे के सामने जगह खाली रहे तो यात्रियों को उतरने में आसानी होती है और ट्रेन में चढ़ने वालों को भी व्यवस्थित तरीके से प्रवेश मिल जाता है।
'ड्रामा हमेशा वही रहता है'
वायरल पोस्ट में इस स्थिति पर तंज कसते हुए कहा गया है कि मेट्रो में बार-बार निर्देश दिए जाने के बावजूद यात्री उन पर ध्यान नहीं देते और हर बार दरवाजा खुलते ही वही स्थिति देखने को मिलती है।वीडियो को लेकर सोशल मीडिया यूजर्स भी यात्रियों के व्यवहार पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कुछ लोग इसे रोजमर्रा की मेट्रो यात्रा की आम समस्या बता रहे हैं।
छोटी सी सावधानी से कम हो सकती है परेशानी
दरवाजे से थोड़ा पीछे हटकर खड़ा होना और पहले यात्रियों को उतरने देना बेहद छोटी बात है, लेकिन इससे मेट्रो में भीड़ और अव्यवस्था काफी हद तक कम हो सकती है।खासकर पीक ऑवर में जब मेट्रो में भारी भीड़ होती है, उस समय यात्रियों का अनुशासन और एक-दूसरे के लिए रास्ता बनाना बेहद जरूरी हो जाता है।

