ट्रेन में रातभर शोर से यात्री परेशान, सुबह भजन-कीर्तन और रील्स ने बढ़ाई मुश्किल
ट्रेन में सफर के दौरान यात्रियों के आराम और सार्वजनिक शिष्टाचार को लेकर एक यात्री ने अपनी परेशानी साझा की है। यात्री का कहना है कि रात करीब 2 बजे तक कुछ लोग तेज आवाज में बातचीत करते रहे, जिससे उसे ठीक से सोने का मौका नहीं मिला।
सुबह होते ही शुरू हुआ तेज आवाज में भजन-कीर्तन
यात्री के मुताबिक, सुबह करीब 6 बजे 30-35 लोगों ने तेज आवाज में भजन और कीर्तन शुरू कर दिया। करीब तीन घंटे तक यह सिलसिला चलता रहा। पर्याप्त नींद नहीं मिलने के बावजूद यात्री को ट्रेन में आराम करने का मौका नहीं मिल पाया।
भजन पर डांस और रील्स बनाने का भी आरोप
यात्री ने बताया कि इसके बाद कुछ लोग ट्रेन के अंदर भजनों पर डांस करने लगे और रील्स भी बनाने लगे। इससे अन्य यात्रियों को और परेशानी हुई।
‘धर्म का सम्मान, लेकिन सार्वजनिक जगह पर दूसरों का भी ख्याल जरूरी’
मैं ट्रेन में सफर कर रहा था। रात 2 बजे तक कुछ लोग तेज आवाज में बातें करते रहे, जिससे ठीक से नींद नहीं आई।
— मिच्च मसाला (@micchamasala) August 25, 2026
सुबह 6 बजे से 30-35 लोगों ने तेज आवाज में भजन-कीर्तन शुरू कर दिया, जो करीब 3 घंटे तक चलता रहा।
नींद पूरी न होने के बावजूद आराम नहीं मिल पाया। इसके बाद लोग ट्रेन में भजन… pic.twitter.com/2cbNzBB4yS
यात्री ने कहा कि धर्म और आस्था का अपना स्थान है, लेकिन ट्रेन किसी की निजी जगह नहीं है। सार्वजनिक परिवहन में सभी यात्रियों की सुविधा, शांति और आराम का ध्यान रखना भी नागरिक जिम्मेदारी का हिस्सा है।
मामला एक बार फिर यह सवाल उठाता है कि ट्रेन जैसे साझा सार्वजनिक स्थान पर धार्मिक गतिविधियां या मनोरंजन करते समय क्या अन्य यात्रियों की सुविधा और सहमति का भी ध्यान नहीं रखा जाना चाहिए?

