पापा के बर्थडे पर बेटी ने दिया नए घर का तोहफा, देखते ही फूट-फूटकर रो पड़े पिता; वायरल हुआ Video
एक भावुक कर देने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है। कुआलालंपुर में एक बेटी ने अपने पिता को नया घर सरप्राइज में गिफ्ट किया। सरप्राइज जानने के बाद पिता फूट-फूटकर रो पड़े। यह पल देखकर हजारों लोग भावुक हो रहे हैं।
इंस्टाग्राम पर शेयर किया गया वीडियो
इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर @officialhumansofbombay नामक हैंडल से शेयर किया गया है। वीडियो के कैप्शन में बेटी महरुख मोघल की कहानी लिखी गई है। वीडियो में परिवार एक अपार्टमेंट देखने पहुंचता है। पिता सोचते हैं कि कोई परिवार का सदस्य घर खरीद रहा है। लेकिन महरुख बताती हैं कि यह घर उन्होंने फादर्स डे के गिफ्ट के रूप में उनके लिए खरीदा है। पिता कुछ पल स्तब्ध खड़े रहते हैं, फिर आंसू नहीं रोक पाते। बेटी उन्हें गले लगाकर सांत्वना देती है। परिवार के अन्य सदस्य भी इस पल को देखते हैं।
बेटी ने बताया पिता का संघर्ष
महरुख ने बताया कि उनके पिता कॉरपोरेट ट्रेनर हैं। करीब 30 साल तक उन्होंने परिवार का बोझ अकेले उठाया। चार बच्चों को स्कूल और यूनिवर्सिटी तक पढ़ाया। मां ने भी परिवार के लिए कई समझौते किए। परिवार सालों तक किराए के घरों में रहा। महरुख कहती हैं, “चार बच्चे, सबको स्कूल और यूनिवर्सिटी तक पहुंचाया-सब कुछ उन पर था। बार-बार उन्होंने अपनी जरूरतें और चाहतें हमारे लिए पीछे रख दीं।” बेटी ने 2023 में नौकरी शुरू की तो घर खरीदने के लिए पैसे बचाने लगीं। घर देखते समय वे मां को साथ ले जाती थीं, क्योंकि मां ने परिवार के लिए सबसे ज्यादा त्याग किया था।
सरप्राइज के लिए करनी पड़ी प्लानिंग
वे बताती हैं कि, अंत में कुआलालंपुर स्काईलाइन वाला एक अपार्टमेंट मिला। खास बात यह कि घर का नंबर पिता के जन्मदिन से मिलता था। महारुख कहती हैं, “घर का नंबर पापा का बर्थडे था। पहले जन्मदिन पर सरप्राइज देने का प्लान था, लेकिन पेपर साइन फादर्स डे से तीन-चार दिन पहले हो गए तो उसी मौके को चुना।” पिता को बिना शक किए अपार्टमेंट तक लाना सबसे बड़ी चुनौती थी। बहन के साथ उन्होंने पिता को लंच पर ले जाकर व्यस्त रखा। पिता को लगा कि चाचा ने घर खरीदा है। जब चाबी थमाई गई और कहा गया- “यह घर आपका है”- तब वे बोल नहीं पाए। महारुख बताती हैं कि पिता दो-तीन दिन तक भावुक रहे। जब भी याद आता तो आंसू आ जाते। वे कहते रहे, “मैंने ऐसा क्या किया जो मुझे यह मिला। मैं नहीं जानता कि आप बच्चों को पाने के लायक कैसे बना।” महरुख का कहना है कि जिंदगी भर सिर्फ लेना ही हुआ। इस बार वे देना चाहती थीं। पिता की प्रतिक्रिया देखकर उन्हें लगा कि सारी मेहनत सार्थक रही।

