ऑफिस की एक अजीबोगरीब पॉलिसी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें कर्मचारियों के लिए “60 मिनट अनपेड फोकस टाइम” का नियम बताया गया है। इस नोटिस को देखकर इंटरनेट पर बहस छिड़ गई है और लोग इसे दो अलग-अलग नजरिए से देख रहे हैं।
इस नोटिस को लेकर कई यूजर्स ने इसे “माइक्रोमैनेजमेंट” का सबसे खराब उदाहरण बताया है। उनका कहना है कि कर्मचारियों से 1 मिनट की देरी पर सख्ती दिखाना और बदले में 1 घंटे का बिना वेतन काम करवाना न सिर्फ अनुचित है, बल्कि नैतिक रूप से भी गलत है। दूसरी ओर कुछ लोगों का मानना है कि यह पॉलिसी प्रोडक्टिविटी बढ़ाने और काम के दौरान फोकस बनाए रखने के लिए बनाई गई होगी, हालांकि इसका तरीका विवादित माना जा रहा है।
इस मुद्दे ने वर्कप्लेस कल्चर, कर्मचारी अधिकारों और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। कई लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या आधुनिक कॉर्पोरेट सिस्टम में इस तरह के नियम वाकई उचित हैं या यह केवल कर्मचारियों पर अतिरिक्त दबाव बढ़ाने का तरीका बनते जा रहे हैं।फिलहाल यह वायरल नोटिस इंटरनेट पर चर्चा का बड़ा विषय बना हुआ है और लोग इसे लेकर अपनी-अपनी राय रख रहे हैं।

