बेटी की सेल्फी पर डांट नहीं, मजेदार अंदाज में दिया जवाब; 'सेल्फी डैड' बनकर क्रिस मार्टिन ने जीता इंटरनेट का दिल
वॉशिंगटन के क्रिस ‘बर’ मार्टिन एक बार फिर सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र बन गए हैं। उनकी अनोखी पेरेंटिंग स्टाइल ने लोगों का ध्यान खींच लिया है। जहां आमतौर पर माता-पिता बच्चों की अजीब या बोल्ड तस्वीरों को लेकर उन्हें समझाते या डांटते नजर आते हैं, वहीं क्रिस ने अपनी बेटी को डांटने के बजाय उसकी सेल्फी को ही मजेदार अंदाज में रीक्रिएट कर दिया। उनका यही अंदाज उन्हें इंटरनेट पर ‘सेल्फी डैड’ के नाम से मशहूर कर रहा है।
दरअसल, क्रिस की बेटी ने सोशल मीडिया पर कुछ स्टाइलिश और बोल्ड पोज वाली सेल्फी शेयर की थीं। कई माता-पिता की तरह क्रिस भी इस पर नाराज हो सकते थे, लेकिन उन्होंने अलग रास्ता चुना। उन्होंने बेटी की तस्वीरों के पोज को खुद दोहराया और उन्हें अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर कर दिया।
क्रिस की तस्वीरें देखते ही देखते वायरल हो गईं। उनके फनी एक्सप्रेशन, बेटी की स्टाइल की नकल और आत्मविश्वास भरे अंदाज को लोगों ने खूब पसंद किया। सोशल मीडिया यूजर्स ने उनके इस कदम की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने आलोचना करने के बजाय अपनी बेटी के साथ दोस्ताना रिश्ता बनाए रखने का शानदार तरीका अपनाया।
क्रिस की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सोशल मीडिया पर उनके फॉलोअर्स तेजी से बढ़े और कई जगहों पर उन्होंने अपनी बेटी को भी पीछे छोड़ दिया। उनके फैंस उन्हें एक ऐसे पिता के रूप में देख रहे हैं, जो बच्चों की भावनाओं को समझते हैं और उन्हें शर्मिंदा करने के बजाय उनके साथ हंसी-मजाक के जरिए जुड़ते हैं।
क्रिस का यह अंदाज केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने पेरेंटिंग को लेकर एक नई चर्चा भी शुरू कर दी है। कई लोगों का मानना है कि बच्चों के साथ सख्ती के बजाय संवाद और समझदारी ज्यादा प्रभावी हो सकती है। खासकर सोशल मीडिया के दौर में जहां युवा अपनी पहचान और अभिव्यक्ति को लेकर ज्यादा सक्रिय हैं, वहां माता-पिता का सहयोगी रवैया रिश्तों को मजबूत कर सकता है।
हालांकि, कुछ लोगों ने यह भी कहा कि बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों को लेकर माता-पिता को संतुलित नजरिया अपनाना चाहिए। हर स्थिति में मजाक या अनदेखी सही तरीका नहीं हो सकता, लेकिन बातचीत और भरोसा बनाए रखना जरूरी है।
क्रिस ‘बर’ मार्टिन की कहानी इस बात का उदाहरण बन गई है कि कभी-कभी एक मजेदार और सकारात्मक प्रतिक्रिया किसी भी आलोचना से ज्यादा असरदार हो सकती है। उनकी ‘सेल्फी डैड’ वाली पहचान ने न सिर्फ लोगों को हंसाया, बल्कि आधुनिक पेरेंटिंग के एक अलग पहलू को भी सामने रखा है।

