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Nautapa 2026: क्या नौतपा में काले कपड़े पहनने से लग सकती है लू? जानिए वायरल दावे का पूरा सच

Nautapa 2026: क्या नौतपा में काले कपड़े पहनने से लग सकती है लू? जानिए वायरल दावे का पूरा सच

देशभर में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच सोशल मीडिया पर एक नया दावा तेजी से वायरल हो रहा है। दावा किया जा रहा है कि नौतपा के 9 दिनों यानी 25 मई से 2 जून के दौरान अगर लोग खास रंग के कपड़े पहनते हैं, तो उन्हें सीधी लू लग सकती है और जान का खतरा भी बढ़ सकता है। इस वायरल मैसेज ने कई लोगों को डर और भ्रम में डाल दिया है।

सोशल मीडिया पोस्ट्स में खास तौर पर गहरे रंग, विशेषकर काले कपड़े पहनने को खतरनाक बताया जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि नौतपा के दौरान सूरज की गर्मी इतनी तेज होती है कि काले या डार्क रंग के कपड़े शरीर में ज्यादा गर्मी खींच लेते हैं, जिससे हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।

क्या है इस दावे का वैज्ञानिक सच?

विशेषज्ञों के अनुसार, यह बात आंशिक रूप से सही है कि गहरे रंग के कपड़े हल्के रंगों की तुलना में ज्यादा गर्मी अवशोषित करते हैं। काला रंग सूर्य की किरणों को ज्यादा सोखता है, जबकि सफेद और हल्के रंग गर्मी को काफी हद तक परावर्तित करते हैं। यही वजह है कि गर्मियों में हल्के रंग के कपड़े पहनने की सलाह दी जाती है।

हालांकि यह दावा पूरी तरह गलत और भ्रामक है कि सिर्फ किसी खास रंग के कपड़े पहनने से सीधे “जान जा सकती है”। डॉक्टरों के मुताबिक, लू लगने की असली वजह लंबे समय तक तेज धूप में रहना, शरीर में पानी की कमी, अत्यधिक गर्म वातावरण और सही सावधानी न बरतना होती है।

नौतपा में क्या रखें सावधानी?

गर्मी और लू से बचने के लिए विशेषज्ञ कुछ जरूरी सलाह देते हैं—

  • हल्के रंग और ढीले कपड़े पहनें
  • ज्यादा देर तक धूप में जाने से बचें
  • पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं
  • शरीर को हाइड्रेट रखें
  • सिर और चेहरे को ढककर बाहर निकलें
  • दोपहर के समय अनावश्यक यात्रा से बचें

क्या होता है नौतपा?

भारतीय मान्यता के अनुसार जब सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करता है, तब नौतपा की शुरुआत होती है। इस दौरान लगभग 9 दिनों तक तेज गर्मी पड़ती है। मौसम विभाग के अनुसार इन दिनों तापमान सामान्य से काफी अधिक दर्ज किया जा सकता है।

सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले कई दावे बिना वैज्ञानिक आधार के फैल जाते हैं। ऐसे में किसी भी जानकारी पर आंख बंद करके भरोसा करने की बजाय विशेषज्ञों और विश्वसनीय स्रोतों की सलाह लेना जरूरी है।

फिलहाल वायरल दावा लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है, लेकिन विशेषज्ञ साफ कह रहे हैं कि सिर्फ कपड़ों का रंग मौत का कारण नहीं बनता। सही सावधानी और जागरूकता ही भीषण गर्मी से बचाव का सबसे बड़ा उपाय है।

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