1200 साल पुरानी कब्र में मिला ‘जुड़वां बच्चों’ का रहस्य! रोमन टॉयलेट के नीचे दफन कंकाल ने चौंकाए वैज्ञानिक
पुरातत्व की दुनिया में समय-समय पर ऐसी खोजें सामने आती हैं, जो इतिहास के कई अनसुलझे सवालों के जवाब देती हैं। अब तुर्की के प्राचीन शहर इफिसस (Ephesus) में हुई एक खुदाई ने वैज्ञानिकों को हैरान कर दिया है। यहां पुरातत्वविदों को करीब 1200 साल पुरानी एक अनोखी कब्र मिली है, जिसमें मिले अवशेषों ने इतिहास और मानव शरीर विज्ञान से जुड़े कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
खास बात यह है कि यह कब्र प्राचीन रोमन टॉयलेट के नीचे मिली है और इसमें मिले कंकालों को वैज्ञानिकों ने समय से पहले जन्मे जुड़वां बच्चों का बताया है।
आर्टेमिस मंदिर के पास मिली रहस्यमयी कब्र
इफिसस प्राचीन दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण शहरों में से एक माना जाता है। यह शहर कभी रोमन साम्राज्य का प्रमुख केंद्र था और यहां स्थित आर्टेमिस मंदिर प्राचीन विश्व के सात अजूबों में शामिल था।
पुरातत्वविदों को मंदिर के आसपास चल रही खुदाई के दौरान यह असामान्य कब्र मिली। शोधकर्ताओं के मुताबिक, जिस जगह यह कब्र मिली है, वह स्थान कभी रोमन काल के सार्वजनिक शौचालय (टॉयलेट) का हिस्सा था।
जुड़वां बच्चों के अवशेष मिले
वैज्ञानिकों के अध्ययन में सामने आया कि कब्र में मिले कंकाल दो नवजात बच्चों के हैं। शोधकर्ताओं का मानना है कि ये दोनों बच्चे समय से पहले जन्मे जुड़वां (Premature Twins) थे।
इतनी कम उम्र में मृत्यु होने के कारण इन बच्चों के अवशेष बेहद नाजुक स्थिति में थे, लेकिन आधुनिक तकनीक की मदद से वैज्ञानिकों ने इनके बारे में महत्वपूर्ण जानकारी हासिल की।
एक बच्चे की गर्दन में मिली अतिरिक्त पसली
इस खोज को खास बनाने वाली सबसे बड़ी बात एक बच्चे के शरीर में मिली असामान्य संरचना है। वैज्ञानिकों को एक कंकाल की गर्दन के पास अतिरिक्त पसली (Extra Rib) मिली।
गर्दन में अतिरिक्त पसली होना इंसानों में बेहद दुर्लभ माना जाता है। इसे मेडिकल भाषा में सर्वाइकल रिब (Cervical Rib) कहा जाता है।
वैज्ञानिकों के अनुसार, ऐसी स्थिति कुछ लोगों में जन्मजात रूप से हो सकती है और यह मानव शरीर के विकास से जुड़े बदलावों को समझने में मदद करती है।
पुराने समय की स्वास्थ्य स्थिति पर मिलेगी जानकारी
शोधकर्ताओं का मानना है कि यह खोज सिर्फ एक कब्र नहीं, बल्कि उस दौर के समाज, स्वास्थ्य व्यवस्था और नवजात बच्चों की स्थिति को समझने का जरिया है।
इन अवशेषों के अध्ययन से यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि प्राचीन समय में समय से पहले जन्म लेने वाले बच्चों की स्थिति कैसी होती थी और उस दौर में उनकी देखभाल किस तरह की जाती थी।
पुरातत्व के लिए बेहद महत्वपूर्ण खोज
इफिसस की यह खोज इसलिए भी खास है क्योंकि यह प्राचीन रोमन सभ्यता के जीवन, मृत्यु और स्वास्थ्य से जुड़े कई पहलुओं पर नई रोशनी डालती है।
वैज्ञानिक अब इन कंकालों पर और गहन अध्ययन कर रहे हैं ताकि बच्चों की उम्र, मृत्यु का कारण और उस समय की जीवन परिस्थितियों के बारे में ज्यादा जानकारी जुटाई जा सके।
इतिहास की मिट्टी में दबी यह 1200 साल पुरानी कहानी एक बार फिर साबित करती है कि पुरातत्व की हर खोज अतीत के अनदेखे रहस्यों को सामने ला सकती है।

