चारधाम यात्रा के बीच सिरोहबगड़ में पहाड़ टूटा, 5 किमी लंबा जाम; जान जोखिम में डालकर सफर कर रहे यात्री
उत्तराखंड में चारधाम यात्रा के बीच एक बार फिर पहाड़ों की चुनौती सामने आई है। ऋषिकेश-बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग-58 पर स्थित सिरोहबगड़ लैंडस्लाइड जोन में भारी बारिश के बाद पहाड़ का एक हिस्सा टूट गया, जिससे हाईवे पूरी तरह बाधित हो गया। सड़क बंद होने के कारण यहां करीब 5 किलोमीटर लंबा जाम लग गया और सैकड़ों वाहन फंस गए।
इस घटना का वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। लोग पहाड़ों में सफर कर रहे यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंता जता रहे हैं।
बारिश के बाद टूटा पहाड़, हाईवे हुआ बंद
जानकारी के मुताबिक, लगातार बारिश के कारण सिरोहबगड़ क्षेत्र में पहाड़ से मलबा और पत्थर गिरने लगे। देखते ही देखते सड़क का बड़ा हिस्सा मलबे से भर गया और वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रुक गई।
चारधाम यात्रा के दौरान इस मार्ग पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की आवाजाही रहती है। ऐसे में हाईवे बंद होने से यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
66 साल पुरानी समस्या बना सिरोहबगड़ जोन
सिरोहबगड़ को उत्तराखंड के सबसे संवेदनशील भूस्खलन क्षेत्रों में गिना जाता है। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह क्षेत्र लंबे समय से पहाड़ खिसकने की समस्या से जूझ रहा है।
बताया जाता है कि साल 1960 से यह इलाका लगातार दरक रहा है और बारिश के मौसम में यहां अक्सर भूस्खलन की स्थिति बन जाती है। इसी वजह से इसे पहाड़ों का पुराना "नासूर" भी कहा जाता है।
पुलिस ने संभाली स्थिति, यात्रियों को दूसरे रास्तों से भेजा
हाईवे बंद होने के बाद ट्रैफिक पुलिस मौके पर पहुंची और यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए वाहनों को नियंत्रित करना शुरू किया। पुलिसकर्मी लाउडस्पीकर के जरिए यात्रियों को जानकारी दे रहे हैं और वैकल्पिक मार्गों से जाने की अपील कर रहे हैं।
प्रशासन की ओर से यात्रियों से सावधानी बरतने और जोखिम वाले स्थानों पर रुकने से बचने की अपील की जा रही है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीरें
सिरोहबगड़ की मौजूदा स्थिति के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर किए जा रहे हैं। वायरल वीडियो में हाईवे पर खड़े वाहनों की लंबी कतार और पहाड़ से गिरे मलबे का दृश्य दिखाई दे रहा है।
कई यूजर्स ने पहाड़ी क्षेत्रों में बेहतर सड़क सुरक्षा और स्थायी समाधान की जरूरत पर सवाल उठाए हैं। वहीं कुछ लोगों ने यात्रियों से मौसम की जानकारी लेकर ही यात्रा करने की अपील की है।
चारधाम यात्रियों के लिए बढ़ी चिंता
चारधाम यात्रा के दौरान मौसम की चुनौती हमेशा बड़ी चिंता रहती है। पहाड़ी क्षेत्रों में अचानक होने वाले भूस्खलन यात्रियों के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं।
प्रशासन का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और स्थिति सामान्य करने के लिए संबंधित विभाग काम कर रहे हैं। फिलहाल सिरोहबगड़ क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को नियंत्रित किया जा रहा है और यात्रियों को सुरक्षित निकालने के प्रयास जारी हैं।

