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नेपाल की त्रासदी पर छलका मनीषा कोइराला का दर्द, दुनिया से की मदद की अपील; बोलीं- मातृभूमि हमेशा सबसे पहले,देखे वीडियो
 

नेपाल की त्रासदी पर छलका मनीषा कोइराला का दर्द, दुनिया से की मदद की अपील; बोलीं- मातृभूमि हमेशा सबसे पहले

नई दिल्ली: नेपाल में आई भीषण प्राकृतिक आपदा के बीच बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री और नेपाल मूल की मनीषा कोइराला का भावुक संदेश सामने आया है। नेपाल की मौजूदा त्रासदी का जिक्र करते हुए मनीषा ने दुनिया भर के लोगों से प्रभावित लोगों की मदद के लिए आगे आने की अपील की।

वीडियो में मनीषा कोइराला बेहद भावुक नजर आ रही हैं। उनकी बातों में अपने देश नेपाल के लिए चिंता और दर्द साफ दिखाई देता है। उन्होंने संकट की इस घड़ी में नेपाल के लोगों के साथ खड़े होने और हर संभव सहायता पहुंचाने की अपील की।

नेपाल से है मनीषा कोइराला का गहरा रिश्ता

मनीषा कोइराला का जन्म नेपाल में हुआ और उनका परिवार लंबे समय से देश की राजनीति से जुड़ा रहा है। उनके दादा बिश्वेश्वर प्रसाद कोइराला नेपाल के प्रधानमंत्री रह चुके हैं। ऐसे में नेपाल के साथ उनका रिश्ता केवल जन्मभूमि तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके परिवार की राजनीतिक विरासत भी देश से गहराई से जुड़ी हुई है।

हालांकि मनीषा ने अपने करियर का बड़ा हिस्सा भारत में बिताया और बॉलीवुड में अपनी अलग पहचान बनाई, लेकिन नेपाल के प्रति उनका जुड़ाव आज भी बेहद मजबूत है।

संकट में देशवासियों के लिए खड़ी हुईं


नेपाल में आई तबाही ने बड़ी संख्या में लोगों को प्रभावित किया है। ऐसे मुश्किल वक्त में मनीषा की भावुक अपील सामने आने के बाद एक बार फिर यह संदेश सामने आया कि इंसान दुनिया के किसी भी हिस्से में क्यों न रह रहा हो, अपनी मातृभूमि से उसका रिश्ता अलग ही होता है।

मनीषा की भावनाओं में नेपाल के लिए चिंता साफ नजर आई। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लोगों से नेपाल की मदद करने की अपील की, ताकि आपदा से प्रभावित लोगों तक राहत और जरूरी सहायता पहुंचाई जा सके।

'मातृभूमि हमेशा सबसे पहले'

मनीषा कोइराला का यह संदेश इस भावना को भी दर्शाता है कि पेशे और जीवन की परिस्थितियां भले ही इंसान को अपनी जन्मभूमि से दूर ले जाएं, लेकिन मातृभूमि के प्रति लगाव कम नहीं होता।

भारत में अपने लंबे फिल्मी करियर और लोकप्रियता के बावजूद नेपाल के प्रति मनीषा का प्रेम आज भी उतना ही मजबूत दिखाई देता है। नेपाल की त्रासदी पर उनकी भावुक अपील इसी जुड़ाव की एक झलक है।

उनका संदेश केवल मदद की अपील नहीं, बल्कि उस भावनात्मक रिश्ते की भी तस्वीर पेश करता है जो किसी व्यक्ति को अपनी जन्मभूमि से जोड़कर रखता है। संकट की इस घड़ी में मनीषा का नेपाल के लिए सामने आना इसी भावना को बयां करता है। 🙏

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