नर भी, मादा भी... शिकागो में दिखी ऐसी चिड़िया कि वैज्ञानिक भी हो गए कन्फ्यूज!
अमेरिका के शिकागो में वैज्ञानिकों को एक ऐसी चिड़िया देखने को मिली, जिसने अपने अनोखे रूप और जैविक विशेषताओं से विशेषज्ञों को हैरान कर दिया। इस पक्षी के शरीर में नर और मादा दोनों के गुण दिखाई देते हैं। यही वजह है कि इसे देखने के बाद वैज्ञानिकों के बीच भी इसकी पहचान और जैविक संरचना को लेकर उत्सुकता बढ़ गई।
दरअसल, यह घटना पक्षियों में पाए जाने वाले एक दुर्लभ जैविक phenomenon से जुड़ी है, जिसे गाइनैंड्रोमोर्फिज्म कहा जाता है। इसमें एक ही पक्षी के शरीर के एक हिस्से में नर जैसे और दूसरे हिस्से में मादा जैसे शारीरिक लक्षण दिखाई दे सकते हैं। यह स्थिति बेहद दुर्लभ मानी जाती है और पक्षियों की दुनिया में इसके उदाहरण बहुत कम देखने को मिलते हैं।
शिकागो में दिखाई देने वाले इस पक्षी में भी शरीर के अलग-अलग हिस्सों में नर और मादा की पहचान से जुड़े रंग और पंखों के पैटर्न नजर आए। सामान्य तौर पर कई पक्षी प्रजातियों में नर और मादा के रंग और पंखों का स्वरूप अलग होता है। ऐसे में जब एक ही पक्षी में दोनों तरह के लक्षण दिखाई देते हैं तो वह वैज्ञानिकों के लिए अध्ययन का बेहद दिलचस्प विषय बन जाता है।
गाइनैंड्रोमोर्फिज्म को केवल बाहरी रंग या पंखों के अंतर तक सीमित नहीं माना जाता। वैज्ञानिकों के अनुसार, यह पक्षी के विकास के शुरुआती चरण में कोशिकाओं और सेक्स क्रोमोसोम से जुड़ी एक असामान्य जैविक प्रक्रिया के कारण हो सकता है। परिणामस्वरूप शरीर के अलग-अलग हिस्सों में नर और मादा से संबंधित कोशिकाओं का वितरण अलग हो सकता है।
इस तरह के पक्षी आमतौर पर बेहद दुर्लभ होते हैं। पक्षी विशेषज्ञों के लिए इनका दिखाई देना इसलिए भी महत्वपूर्ण होता है क्योंकि इनके अध्ययन से पक्षियों में लिंग निर्धारण, कोशिकीय विकास और प्रजनन से जुड़ी प्रक्रियाओं को समझने में मदद मिल सकती है।
हालांकि, इसे देखकर यह कहना सही नहीं होगा कि पक्षी सामान्य अर्थों में एक साथ नर और मादा बन गया है। गाइनैंड्रोमोर्फिज्म एक जैविक स्थिति है, जिसमें नर और मादा के कुछ शारीरिक गुण एक ही जीव में अलग-अलग हिस्सों में दिखाई देते हैं। हर मामले में प्रजनन क्षमता या व्यवहार एक जैसा हो, यह जरूरी नहीं है।
शिकागो में इस असामान्य पक्षी के दिखाई देने की खबर इसलिए खास बन गई क्योंकि प्रकृति में ऐसे दुर्लभ उदाहरण वैज्ञानिकों को भी नई जानकारी देते हैं। यह घटना एक बार फिर बताती है कि जीव-जगत में जैविक विविधता कितनी अद्भुत और रहस्यमयी हो सकती है।

