Lucknow Viral : जेंडर पहचान को लेकर पारिवारिक विवाद का दावा, मामले की पुष्टि जरूरी
लखनऊ से जुड़े एक मामले को लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा की जा रही है। पोस्ट में दावा किया गया है कि दसवीं कक्षा में पहुंचने के बाद एक युवक की जेंडर पहचान और व्यवहार में बदलाव आया, जिसके बाद परिवार में विवाद शुरू हो गया।
पोस्ट के अनुसार, माता-पिता ने अपने बच्चे का इलाज लखनऊ के लालबाग स्थित नूर मंजिल अस्पताल में करीब दो साल तक कराया। दावा यह भी है कि जुलाई में हजरतगंज थाने में माता-पिता के खिलाफ छेड़छाड़ की शिकायत दर्ज कराई गई थी।
संजय बांगर का बेटा अनाया बांगर बन गया लेकिन समाज में ऐसा मैसेज दे गया है जिससे अब लोग लड़की बनने से मना करने पर हत्या कर दे रहे हैं।
— तेज़ तड़का (@tadka_tez) October 15, 2026
लखनऊ के लड़के ने दसवी क्लास में पहुंचने के बाद अपने आप को पूरी तरह से बदलने के अजीब हरकत करने लगा।
हरकतों से परेशान होकर मां बाप लखनऊ लाल बाग… pic.twitter.com/pU7QuevZvu
हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि और पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आना जरूरी है। जेंडर पहचान अपने आप में किसी व्यक्ति के गलत व्यवहार या अपराध का प्रमाण नहीं है। इसी तरह, किसी मामले के आधार पर यह निष्कर्ष निकालना भी उचित नहीं कि जेंडर पहचान से जुड़े विवादों के कारण लोग हत्या करने लगे हैं।
मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए पुलिस रिकॉर्ड, संबंधित पक्षों के बयान और विश्वसनीय समाचार स्रोतों से जानकारी की पुष्टि जरूरी है।

