अमरोहा में तीन बहनों और एक युवक की शादी पर कानूनी सवाल, विशेषज्ञ बोले- भारतीय कानून में ऐसी शादी का प्रावधान नहीं
अमरोहा जिले के हसनपुर क्षेत्र में तीन सगी बहनों और एक ही युवक की शादी का मामला अब कानूनी और सामाजिक चर्चा का विषय बन गया है। एक ओर जहां बाल कल्याण समिति (CWC) नाबालिग होने की आशंका को लेकर मामले की जांच कर रही है, वहीं दूसरी ओर इस विवाह की वैधानिक स्थिति को लेकर भी कई सवाल खड़े हो गए हैं।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि भारतीय कानून में इस तरह के विवाह को मान्यता नहीं दी गई है। दिल्ली हाईकोर्ट के वकील इशु जैन के मुताबिक, एक ही युवक का एक ही समय में तीन सगी बहनों से विवाह करना भारतीय कानून के तहत वैध नहीं माना जा सकता और ऐसा विवाह शून्य (Void) की श्रेणी में आ सकता है।
CWC कर रही उम्र की जांच
मामले में सबसे बड़ा सवाल तीनों बहनों की उम्र को लेकर भी उठ रहा है। बाल कल्याण समिति यह पता लगाने में जुटी है कि विवाह के समय उनकी उम्र क्या थी और कहीं किसी नाबालिग की शादी तो नहीं कराई गई।
यदि जांच में किसी लड़की के नाबालिग होने की पुष्टि होती है तो मामला और गंभीर हो सकता है, क्योंकि बाल विवाह से जुड़े कानूनों के तहत कार्रवाई का प्रावधान है।
विवाह की कानूनी मान्यता पर उठे सवाल
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, भारत में विवाह संबंधी कानून अलग-अलग धर्मों और व्यक्तिगत कानूनों के आधार पर संचालित होते हैं, लेकिन किसी भी मान्यता प्राप्त व्यवस्था में एक व्यक्ति का एक साथ कई सगी बहनों से विवाह स्वीकार्य नहीं है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे विवाह में पारिवारिक संबंधों और कानूनी अधिकारों को लेकर कई जटिलताएं पैदा हो सकती हैं। संपत्ति, उत्तराधिकार और वैवाहिक अधिकारों से जुड़े विवाद भी सामने आ सकते हैं।
सोशल मीडिया पर चर्चा में आया मामला
तीन बहनों और कैमरामैन विकास की शादी का मामला सामने आने के बाद यह तेजी से चर्चा में आ गया। लोग इस विवाह को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। वहीं, प्रशासन और संबंधित विभाग पूरे मामले की जांच में जुटे हुए हैं।
फिलहाल जांच का मुख्य फोकस बहनों की उम्र, विवाह की परिस्थितियों और कानूनी प्रक्रिया के पालन पर है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इस मामले में आगे किस तरह की कार्रवाई की जाएगी।
कानून के अनुसार होगी कार्रवाई
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में किसी भी तरह का कानून उल्लंघन सामने आता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं, कानूनी विशेषज्ञों ने भी साफ किया है कि किसी भी विवाह को वैध मानने के लिए देश के कानूनों और निर्धारित नियमों का पालन जरूरी है।
अमरोहा का यह मामला अब सिर्फ सामाजिक चर्चा तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि इसकी कानूनी स्थिति को लेकर भी गंभीर बहस शुरू हो गई है।

