केरल की महिला ने कटहल के बीजों से बना दी कॉफी, महंगी कॉफी का देसी और सस्ता विकल्प बन रहा चर्चा का विषय
कॉफी दुनिया के सबसे पसंदीदा पेय पदार्थों में से एक है। भारत में भी कॉफी पीने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। खासकर दक्षिण भारत में कॉफी की लोकप्रियता काफी ज्यादा है। आमतौर पर भारत में कॉफी को कॉफी बीन्स को रोस्ट करके तैयार किया जाता है, लेकिन केरल की एक महिला ने ऐसा अनोखा विकल्प तैयार किया है, जो अब चर्चा का विषय बन गया है।
केरल की रहने वाली जामी साजी ने कटहल के बीजों से कॉफी तैयार की है। उनका यह प्रयोग न सिर्फ लोगों को पसंद आ रहा है, बल्कि महंगी कॉफी के लिए एक सस्ता और प्राकृतिक विकल्प भी पेश कर रहा है।
कटहल के बीजों को बनाया कॉफी का विकल्प
कटहल को भारत में बड़े चाव से खाया जाता है, लेकिन अक्सर इसके बीजों को फेंक दिया जाता है। जामी साजी ने इन्हीं बीजों का इस्तेमाल कर एक नया उत्पाद तैयार किया। उन्होंने कटहल के बीजों को खास प्रक्रिया से साफ किया, सुखाया और फिर रोस्ट करके कॉफी जैसा पेय तैयार किया।
उनका उद्देश्य एक ऐसा विकल्प तैयार करना था, जो स्वादिष्ट होने के साथ-साथ किफायती और पर्यावरण के लिए भी बेहतर हो।
महंगी कॉफी का सस्ता विकल्प
आजकल कई तरह की स्पेशलिटी कॉफी बाजार में उपलब्ध हैं, जिनकी कीमत काफी ज्यादा होती है। ऐसे में कटहल के बीजों से बनी कॉफी उन लोगों के लिए एक नया विकल्प बन सकती है, जो अलग स्वाद के साथ कम लागत वाला पेय पसंद करते हैं।
जामी साजी का यह आइडिया फूड इनोवेशन और वेस्ट मैनेजमेंट का बेहतरीन उदाहरण माना जा रहा है। जिस चीज को लोग बेकार समझकर फेंक देते थे, उसे उन्होंने एक उपयोगी उत्पाद में बदल दिया।
स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिहाज से भी खास
कटहल के बीजों में कई पोषक तत्व पाए जाते हैं। इन्हें दोबारा उपयोग में लाने से खाद्य अपशिष्ट को कम करने में भी मदद मिलती है। यही वजह है कि इस तरह के प्रयोगों को टिकाऊ जीवनशैली की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।
सोशल मीडिया पर जामी साजी के इस आइडिया की जमकर तारीफ हो रही है। लोग उनकी रचनात्मक सोच और स्थानीय संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल की सराहना कर रहे हैं।
केरल की इस महिला ने साबित कर दिया है कि नए विचारों के लिए हमेशा बड़े संसाधनों की जरूरत नहीं होती। कई बार आसपास मौजूद साधारण चीजों से भी ऐसे बदलाव लाए जा सकते हैं, जो लोगों की आदतों और सोच दोनों को बदल दें।

