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दिल्ली में रहकर बेंगलुरु में नौकरी! हर दूसरे हफ्ते फ्लाइट से ऑफिस जाने का आइडिया, खर्च जानकर चौंक जाएंगे
 

दिल्ली में रहकर बेंगलुरु में नौकरी! हर दूसरे हफ्ते फ्लाइट से ऑफिस जाने का आइडिया, खर्च जानकर चौंक जाएंगे

बेंगलुरु में नौकरी मिलना युवाओं के लिए करियर का बड़ा मौका माना जाता है, लेकिन नौकरी के साथ दूसरे शहर में शिफ्ट होने का खर्च भी जुड़ जाता है। किराया, सिक्योरिटी डिपॉजिट, खाना, आने-जाने और रोजमर्रा के खर्च को देखते हुए एक शख्स ने इसका अलग ही समाधान खोजने की कोशिश की है। उसने बेंगलुरु में नौकरी करने के बावजूद दिल्ली में ही रहने का प्लान बनाया है। ऑफिस जाने के लिए वह हर दूसरे हफ्ते फ्लाइट से बेंगलुरु आने-जाने पर विचार कर रहा है।

इस शख्स ने Reddit पर अपनी स्थिति साझा करते हुए बताया कि उसकी नई नौकरी में हर दूसरे हफ्ते वर्क फ्रॉम होम की सुविधा है। यानी उसे महीने में करीब 10 दिन ही बेंगलुरु स्थित ऑफिस जाना होगा। ऐसे में उसका सवाल है कि सिर्फ 10 दिनों के लिए बेंगलुरु में पूरा महीना किराये पर घर लेना कितना सही होगा। इसके बजाय वह हर दो हफ्ते में दिल्ली से बेंगलुरु जाने और करीब पांच दिन वहां रहकर काम करने का विकल्प देख रहा है।

फ्लाइट और होटल पर इतना खर्च

शख्स के मुताबिक, हर दूसरे हफ्ते आने-जाने वाली फ्लाइट पर करीब 16 हजार रुपये खर्च हो सकते हैं। महीने में दो राउंड ट्रिप के हिसाब से यह रकम करीब 32 हजार रुपये बैठती है। इसके अलावा 10 दिनों के लिए होटल में रहने का खर्च उसने लगभग 15 हजार रुपये माना है। हालांकि, दोस्त के यहां रुकने की स्थिति में यह खर्च कम किया जा सकता है।

दिल्ली में अपने बाकी खर्चों को जोड़ने के बाद उसने अनुमान लगाया कि इस पूरे इंतजाम में उसका मासिक खर्च अधिकतम करीब 65 हजार रुपये तक पहुंच सकता है। यानी दिल्ली में रहना और बेंगलुरु जाकर ऑफिस करना भी उसके लिए सस्ता विकल्प नहीं है।

बेंगलुरु में रहना कितना पड़ेगा?

शख्स ने बेंगलुरु में स्थायी रूप से रहने का भी हिसाब लगाया। उसके अनुसार अच्छे फ्लैट का किराया और मेंटेनेंस करीब 25 हजार रुपये, राशन और यूटिलिटी पर 12 से 15 हजार रुपये, मेड और कुक पर करीब 5 हजार रुपये तथा अन्य खर्चों को मिलाकर कुल मासिक खर्च करीब 55 हजार रुपये हो सकता है।

इस तरह दोनों विकल्पों के बीच करीब 7 से 10 हजार रुपये का अंतर रह जाता है। हालांकि, फ्लाइट टिकट और होटल के वास्तविक दाम तारीख और उपलब्धता के हिसाब से बदल सकते हैं।

परिवार के साथ रहने की वजह से बना प्लान

शख्स के लिए यह फैसला सिर्फ पैसों से जुड़ा नहीं है। उसने बताया कि वह पूरी जिंदगी दिल्ली में रहा है और परिवार के करीब रहना पसंद करता है। ऐसे में कुछ हजार रुपये ज्यादा खर्च करके भी अगर वह दिल्ली में परिवार के साथ रह सकता है, तो उसे यह विकल्प आकर्षक लग रहा है। उसने फ्लाइट का खर्च कम करने के लिए ट्रैवल कार्ड इस्तेमाल करने की बात भी कही है।

इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई। कुछ लोगों को यह आइडिया व्यावहारिक लगा, जबकि कई यूजर्स ने लगातार फ्लाइट, एयरपोर्ट आने-जाने और यात्रा की थकान को बड़ी परेशानी बताया। कुछ लोगों का कहना था कि कागज पर यह गणित ठीक दिख सकता है, लेकिन हर दूसरे हफ्ते हवाई यात्रा करना लंबे समय तक थकाऊ हो सकता है।

फिलहाल यह पूरा मामला एक सोशल मीडिया यूजर के व्यक्तिगत खर्च के अनुमान पर आधारित है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। फिर भी दिल्ली में रहकर बेंगलुरु की नौकरी करने का यह अनोखा आइडिया सोशल मीडिया पर लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है।

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