'मुझे 2 साल लग गए...' नॉर्वे में ड्राइविंग लाइसेंस पाने के लिए भारतीय ने खर्च किए ₹6 लाख, वीडियो वायरल
विदेश में रहने वाले भारतीयों के लिए कई बार छोटी-छोटी चीजें भी बड़ी चुनौती बन जाती हैं। ऐसा ही एक अनुभव नॉर्वे में रहने वाले एक भारतीय शख्स ने सोशल मीडिया पर शेयर किया है। उसने बताया कि नॉर्वे में ड्राइविंग लाइसेंस हासिल करने में उसे करीब 2 साल का समय और लगभग 6 लाख रुपये खर्च करने पड़े। उसकी कहानी सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है।
लाइसेंस के लिए देनी पड़ी कई परीक्षाएं और ट्रेनिंग
वायरल पोस्ट में शख्स ने बताया कि भारत की तुलना में नॉर्वे में ड्राइविंग लाइसेंस की प्रक्रिया काफी लंबी और सख्त है। वहां सिर्फ गाड़ी चलाना सीखना ही काफी नहीं होता, बल्कि कई चरणों से गुजरना पड़ता है। इसमें ड्राइविंग क्लास, थ्योरी टेस्ट, प्रैक्टिकल टेस्ट और अनिवार्य ट्रेनिंग शामिल होती हैं।
शख्स ने बताया कि बार-बार की ट्रेनिंग, टेस्ट फीस और अन्य खर्चों को मिलाकर उसका कुल खर्च करीब 6 लाख रुपये तक पहुंच गया।
'भारत में आसान लगता है, लेकिन यहां नियम अलग हैं'
भारतीय युवक ने अपने अनुभव को साझा करते हुए कहा कि शुरुआत में उसे लगा था कि कुछ ही समय में लाइसेंस मिल जाएगा, लेकिन नॉर्वे के नियमों और टेस्ट प्रक्रिया को समझने में काफी वक्त लगा।
उसने बताया कि कई बार टेस्ट में छोटी-छोटी गलतियों की वजह से दोबारा प्रयास करना पड़ा। आखिरकार लंबे इंतजार और मेहनत के बाद उसे ड्राइविंग लाइसेंस मिल पाया।
सोशल मीडिया पर लोगों ने दिए रिएक्शन
वीडियो वायरल होने के बाद कई लोगों ने अपने अनुभव साझा किए। कुछ यूजर्स ने कहा कि यूरोपीय देशों में सड़क सुरक्षा को लेकर नियम काफी सख्त होते हैं, इसलिए लाइसेंस प्रक्रिया भी कठिन रखी जाती है।
वहीं कई भारतीय यूजर्स ने मजाकिया अंदाज में कहा कि भारत में जहां कई लोग जल्दी लाइसेंस बनवाने की कोशिश करते हैं, वहीं विदेशों में इसे हासिल करना किसी उपलब्धि से कम नहीं लगता।
विदेशों में ड्राइविंग सीखने का अनुभव
इस कहानी ने एक बार फिर दिखाया कि अलग-अलग देशों में ड्राइविंग लाइसेंस पाने के नियम और मानक कितने अलग हो सकते हैं। नॉर्वे जैसे देशों में सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता देने के कारण प्रक्रिया लंबी जरूर है, लेकिन इसका उद्देश्य सुरक्षित ड्राइवर तैयार करना होता है।

