“ये आजादी है या पब्लिक प्लेस की मर्यादा?” वायरल वीडियो देखें सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
जब एक महिला ऑटो में बैठने पहुंची तो ड्राइवर ने उसे आगे की सीट से पीछे जाने को कहा। वजह बताई गई कि आगे बैठने पर गिरने का खतरा हो सकता है।महिला पीछे जाकर बैठ गई, लेकिन उसके बैठने के तरीके को देखकर एक अलग सवाल खड़ा हो गया।
एक महिला ऑटो में चढ़ीं तो ड्राइवर ने उन्हें आगे वाली सीट से पीछे बैठने को कहा क्योंकि गिरने का खतरा था
— Wasim Ahmed (@TheWittyWasim) September 18, 2026
वह पीछे जाकर बैठ गईं लेकिन उनकी Sitting Position देखकर मेरे मन में एक सवाल आया
अगर यही Position कोई पुरुष अपनाता।तो क्या समाज और कानून की प्रतिक्रिया भी इतनी ही सामान्य रहती?… pic.twitter.com/7Ok8L5mmM1
एक महिला ऑटो में चढ़ीं तो ड्राइवर ने उन्हें आगे वाली सीट से पीछे बैठने को कहा क्योंकि गिरने का खतरा था
— Wasim Ahmed (@TheWittyWasim) September 18, 2026
वह पीछे जाकर बैठ गईं लेकिन उनकी Sitting Position देखकर मेरे मन में एक सवाल आया
अगर यही Position कोई पुरुष अपनाता।तो क्या समाज और कानून की प्रतिक्रिया भी इतनी ही सामान्य रहती?… pic.twitter.com/7Ok8L5mmM1
सवाल ये है कि अगर कोई पुरुष इसी तरह बैठता, तो क्या समाज की प्रतिक्रिया भी बिल्कुल ऐसी ही होती?क्या सार्वजनिक जगहों पर सुरक्षा और मर्यादा के मानक महिला और पुरुष के लिए अलग होने चाहिए? या फिर इसे हर व्यक्ति की निजी पसंद और आजादी मानकर नजरअंदाज कर देना चाहिए?
ऑटो जैसे सार्वजनिक वाहन में सबसे जरूरी बात यात्री की सुरक्षा, वाहन की निर्धारित क्षमता और सही तरीके से बैठना है। अलग-अलग राज्यों के मोटर व्हीकल नियमों में ऑटो की सीटिंग और यात्री व्यवस्था को लेकर प्रावधान भी मौजूद हैं।लेकिन इस पूरे मामले ने एक बड़ा सामाजिक सवाल जरूर खड़ा कर दिया है—क्या पब्लिक स्पेस में आजादी और जिम्मेदारी के बीच संतुलन दोनों जेंडर के लिए एक जैसा होना चाहिए?

