ईरान का अनोखा गांव जहां सड़क नहीं, घरों की छतें हैं रास्ते; 1000 साल पुरानी मसुलेह की कहानी वायरल
दुनिया में कई ऐसी जगहें हैं जो अपनी अनोखी बनावट और इतिहास के कारण लोगों को हैरान कर देती हैं। ऐसी ही एक अद्भुत जगह है ईरान का मसुलेह (Masuleh) गांव, जहां आम गांवों की तरह सड़कें नहीं हैं, बल्कि यहां घरों की छतें ही लोगों के चलने के रास्ते बन जाती हैं। अपनी अनोखी वास्तुकला के कारण यह गांव सोशल मीडिया पर एक बार फिर चर्चा में है।
ईरान के उत्तरी हिस्से में स्थित गिलान प्रांत के अल्बोर्ज पर्वत क्षेत्र में बसा मसुलेह गांव करीब 1000 साल पुराना माना जाता है। पहाड़ की ढलान पर बने इस गांव की संरचना इतनी अनोखी है कि एक घर की छत, ऊपर बने दूसरे घर के लिए आंगन और रास्ते का काम करती है। दूर से देखने पर ऐसा लगता है जैसे पहाड़ पर पीले रंग के छोटे-छोटे घर सीढ़ियों की तरह एक-दूसरे के ऊपर बने हुए हैं।
कैसे बनी ऐसी अनोखी संरचना?
मसुलेह गांव पहाड़ी इलाके में बसा हुआ है, जहां जमीन समतल नहीं है। इसी वजह से यहां के लोगों ने प्रकृति के अनुसार घर बनाने का तरीका अपनाया। पहाड़ की ढलान का इस्तेमाल करते हुए घरों को इस तरह बनाया गया कि नीचे वाले घर की छत ऊपर वाले घर के लिए रास्ता बन गई।
गांव की संकरी गलियां, सीढ़ियां और छतों से जुड़े रास्ते यहां की खास पहचान हैं। यहां वाहन चलाना लगभग संभव नहीं है, इसलिए लोग पैदल ही एक जगह से दूसरी जगह जाते हैं। सामान पहुंचाने के लिए छोटे ठेलों और स्थानीय तरीकों का इस्तेमाल किया जाता है।
छतों पर चलता है पूरा गांव
मसुलेह की सबसे खास बात यह है कि यहां की छतें सिर्फ घरों को ढकने का काम नहीं करतीं, बल्कि सार्वजनिक रास्तों की तरह भी इस्तेमाल होती हैं। लोग इन्हीं छतों पर चलते हुए ऊपर के हिस्सों तक पहुंचते हैं। यही वजह है कि इसे दुनिया के सबसे अनोखे "रूफ विलेज" यानी छतों वाले गांवों में गिना जाता है।
गांव के घरों में पारंपरिक पीले रंग की दीवारें देखने को मिलती हैं, जो धुंध और पहाड़ी मौसम के बीच दूर से भी साफ दिखाई देती हैं। चारों ओर हरे-भरे पहाड़ और बादलों से घिरा वातावरण इस जगह को किसी सपनों की दुनिया जैसा बना देता है।
पर्यटकों के बीच है बेहद लोकप्रिय
अपनी अनोखी वास्तुकला और प्राकृतिक खूबसूरती के कारण मसुलेह दुनियाभर के पर्यटकों को आकर्षित करता है। यहां आने वाले लोग पहाड़ी रास्तों, पुराने बाजारों और छतों से जुड़े इस अनोखे गांव का अनुभव लेने पहुंचते हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और तस्वीरों के बाद लोग इस जगह को देखकर हैरान हैं। कई यूजर्स का कहना है कि आधुनिक शहरों में जहां लोग जगह की कमी से परेशान हैं, वहीं मसुलेह के लोगों ने सीमित जगह का बेहद शानदार इस्तेमाल किया है।
मसुलेह गांव केवल एक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि इंसान और प्रकृति के बीच तालमेल की एक शानदार मिसाल है। करीब एक हजार साल पुरानी यह बस्ती आज भी अपनी अनोखी पहचान के साथ दुनिया को चौंका रही है।

