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ईरान का अनोखा ‘रूफ विलेज’: जहां घरों की छतें बन जाती हैं सड़कें, 1000 साल पुराना मसुलेह गांव है वास्तुकला का चमत्कार

ईरान का अनोखा ‘रूफ विलेज’: जहां घरों की छतें बन जाती हैं सड़कें, 1000 साल पुराना मसुलेह गांव है वास्तुकला का चमत्कार

दुनिया में कई ऐसी जगहें हैं, जो अपनी अनोखी बनावट और इतिहास के कारण लोगों को हैरान कर देती हैं। ईरान का मसुलेह (Masuleh) गांव भी ऐसी ही एक अद्भुत जगह है, जहां सड़कें जमीन पर नहीं बल्कि घरों की छतों पर बनी हुई हैं। पहाड़ों की ढलान पर बसा यह करीब 1000 साल पुराना गांव अपनी अनोखी वास्तुकला के कारण दुनियाभर में मशहूर है।

मसुलेह गांव ईरान के उत्तरी हिस्से में स्थित गिलान प्रांत में अल्बोर्ज पर्वत श्रृंखला की ढलानों पर बसा हुआ है। यहां घर इस तरह बनाए गए हैं कि एक घर की छत ऊपर बने दूसरे घर के लिए आंगन या रास्ते का काम करती है। इसी वजह से इसे दुनिया के सबसे अनोखे ‘रूफ विलेज’ में गिना जाता है।

ऐसी है गांव की अनोखी बनावट

मसुलेह की सबसे खास बात इसकी सीढ़ीनुमा संरचना है। पहाड़ी इलाके में जगह की कमी के कारण लोगों ने ऐसी वास्तुकला विकसित की, जिसमें घर एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। गांव में नीचे बने मकान की छत ऊपर रहने वाले लोगों के लिए रास्ते की तरह इस्तेमाल होती है।

यहां की गलियां संकरी हैं और घरों की कतारें पहाड़ की ढलान के साथ ऊपर की ओर बढ़ती जाती हैं। स्थानीय लोग इस अनोखी संरचना को इस तरह बताते हैं कि “ऊपर वाले घर का आंगन, नीचे वाले घर की छत है।”

1000 साल पुराना इतिहास

मसुलेह का इतिहास करीब 1000 साल पुराना बताया जाता है। इस गांव की स्थापना 1006 ईस्वी के आसपास मानी जाती है। समय के साथ यह इलाका व्यापार और स्थानीय गतिविधियों का केंद्र बना। पहाड़ी क्षेत्र में होने के बावजूद यहां के लोगों ने प्रकृति और परिस्थितियों के अनुसार रहने का अनोखा तरीका विकसित किया।

गाड़ियों की एंट्री पर रोक

गांव की अनोखी बनावट के कारण यहां सामान्य वाहनों का प्रवेश संभव नहीं है। संकरी गलियों और सीढ़ीनुमा रास्तों की वजह से मसुलेह में गाड़ियां नहीं चलतीं। यहां लोग पैदल ही एक जगह से दूसरी जगह जाते हैं, जिससे गांव का पारंपरिक स्वरूप आज भी कायम है।

धुंध और पीले रंग के घरों की खूबसूरती

मसुलेह अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए भी प्रसिद्ध है। पहाड़ों से घिरा यह गांव अक्सर धुंध की चादर में ढका नजर आता है। यहां के अधिकतर घर पीले रंग की मिट्टी से बने दिखाई देते हैं, जिससे धुंध के बीच भी उनकी पहचान बनी रहती है।

पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र

अपनी अनोखी वास्तुकला, पुराने इतिहास और प्राकृतिक सुंदरता के कारण मसुलेह दुनिया भर के पर्यटकों को आकर्षित करता है। यहां आने वाले लोग पहाड़ी रास्तों, पारंपरिक घरों और छतों पर बनी गलियों का अनुभव करने के लिए पहुंचते हैं।

मसुलेह केवल एक गांव नहीं बल्कि इंसान और प्रकृति के बीच तालमेल का शानदार उदाहरण है। सीमित जगह और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद यहां के लोगों ने ऐसी जीवनशैली विकसित की, जो आज पूरी दुनिया के लिए आकर्षण और शोध का विषय बनी हुई है।

यह अनोखा गांव दिखाता है कि जब इंसान प्रकृति के साथ मिलकर निर्माण करता है, तो साधारण जगह भी दुनिया की सबसे खास जगहों में बदल सकती है।

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