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10 महीने से इंटर्नशिप, रोज 12-16 घंटे काम; फुल टाइम नौकरी नहीं मिली तो युवक ने Reddit पर सुनाई आपबीती

10 महीने से इंटर्नशिप, रोज 12-16 घंटे काम; फुल टाइम नौकरी नहीं मिली तो युवक ने Reddit पर सुनाई आपबीती

एक 25 वर्षीय युवक की पोस्ट इन दिनों सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Reddit पर चर्चा का विषय बनी हुई है। युवक ने दावा किया कि वह पिछले करीब 10 महीने से एक फिनटेक स्टार्टअप में इंटर्न के तौर पर काम कर रहा है। इस दौरान उससे कथित तौर पर रोजाना 12 से 16 घंटे तक काम कराया गया, लेकिन बार-बार फुल-टाइम नौकरी देने का भरोसा मिलने के बावजूद उसे अब तक स्थायी पद नहीं मिला।

युवक के मुताबिक, उसने स्टार्टअप में इंटर्न के तौर पर काम शुरू किया था। शुरुआत में उसे उम्मीद थी कि अगर वह मेहनत और अच्छा प्रदर्शन करेगा तो कंपनी उसे फुल-टाइम कर्मचारी के तौर पर नियुक्त कर लेगी। इसी भरोसे के चलते वह लगातार काम करता रहा और कंपनी की जरूरत के मुताबिक अतिरिक्त घंटे भी देता रहा।

पोस्ट में युवक ने आरोप लगाया कि कई बार उसे फुल-टाइम नौकरी में बदलने का आश्वासन दिया गया। हालांकि, समय बीतने के साथ ये वादे पूरे नहीं हुए। करीब 10 महीने तक काम करने के बाद भी उसकी स्थिति एक इंटर्न जैसी ही बनी हुई है। सबसे ज्यादा परेशानी उसे लंबे काम के घंटों को लेकर है। युवक का दावा है कि कई दिनों में उसे 12 से 16 घंटे तक काम करना पड़ा।

Reddit पर पोस्ट सामने आने के बाद बड़ी संख्या में यूजर्स ने युवक के अनुभव पर प्रतिक्रिया दी। कई लोगों ने इसे युवा कर्मचारियों और इंटर्न्स के संभावित शोषण का उदाहरण बताया। यूजर्स का कहना था कि किसी कर्मचारी से लंबे समय तक नियमित रूप से पूर्णकालिक स्तर का काम लेने के बावजूद उसे इंटर्न की स्थिति में बनाए रखना गंभीर सवाल खड़े करता है।

कुछ लोगों ने युवक को सलाह दी कि उसे केवल मौखिक वादों पर निर्भर रहने के बजाय कंपनी से फुल-टाइम नियुक्ति को लेकर स्पष्ट और लिखित जवाब मांगना चाहिए। वहीं कुछ यूजर्स ने कहा कि अगर कंपनी लंबे समय से सिर्फ भविष्य में नौकरी देने का भरोसा दे रही है, तो युवक को दूसरी कंपनियों में अवसर तलाशने पर विचार करना चाहिए।

इस मामले ने स्टार्टअप कल्चर में काम के दबाव और इंटर्नशिप की भूमिका को लेकर भी बहस छेड़ दी है। स्टार्टअप्स में अक्सर कर्मचारियों से तेज गति से काम करने और कई तरह की जिम्मेदारियां संभालने की उम्मीद की जाती है। लेकिन जब इंटर्न लंबे समय तक नियमित कर्मचारियों जैसी जिम्मेदारियां निभाते हैं, तो उनके अधिकार, भुगतान, काम के घंटे और भविष्य की नौकरी जैसे सवाल महत्वपूर्ण हो जाते हैं।

हालांकि, Reddit पर साझा की गई जानकारी युवक का व्यक्तिगत दावा है और पोस्ट में किए गए सभी आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है। कंपनी की ओर से इस मामले में क्या प्रतिक्रिया दी गई, यह भी स्पष्ट होना महत्वपूर्ण होगा।

फिर भी इस वायरल पोस्ट ने एक अहम सवाल जरूर उठाया है—क्या बेहतर करियर के अवसर की उम्मीद में युवा कर्मचारी लंबे समय तक बिना स्पष्ट भविष्य के अत्यधिक काम करने को मजबूर हो रहे हैं? सोशल मीडिया पर जारी बहस के बीच यह मामला युवाओं को नौकरी स्वीकार करने से पहले भूमिका, वेतन, काम के घंटे और फुल-टाइम नियुक्ति की शर्तें स्पष्ट करने की जरूरत की ओर भी ध्यान खींचता है।

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