शाहजहांपुर। एक बच्चे की परेशानी को लेकर सोशल मीडिया पर प्रशासन से मदद की गुहार लगाई जा रही है। वायरल अपील में बताया गया है कि बच्चे के पैर में चोट लगी हुई है, जिसके कारण उसे रोजाना स्कूल पहुंचने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
हैलो @dmupsha ( शाहजहाँपुर जिलाधिकारी) महोदय इस बच्चे की मदद करे इस बच्चे के पैर में। चोट आने के।कारण यह बच्चा स्कूल पहुंचने के लिए कड़ी संघर्ष कर रहा
— BHEEM BHAIYA (@BHEEM_BHAIYA) September 4, 2026
इसका पता : शाहजहांपुर जिला ब्लॉक कलान थाना परौर गांव कुंडलिया
और आखरी उम्मीद सिर्फ @physics__wallah से है pic.twitter.com/vntFpG30uW
हैलो @dmupsha ( शाहजहाँपुर जिलाधिकारी) महोदय इस बच्चे की मदद करे इस बच्चे के पैर में। चोट आने के।कारण यह बच्चा स्कूल पहुंचने के लिए कड़ी संघर्ष कर रहा
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इसका पता : शाहजहांपुर जिला ब्लॉक कलान थाना परौर गांव कुंडलिया
और आखरी उम्मीद सिर्फ @physics__wallah से है pic.twitter.com/vntFpG30uW
सोशल मीडिया पर शेयर की गई अपील में शाहजहांपुर के जिलाधिकारी से बच्चे की मदद करने का अनुरोध किया गया है। पोस्ट में कहा गया है कि पैर की चोट के बावजूद बच्चा अपनी पढ़ाई जारी रखने और स्कूल पहुंचने की कोशिश कर रहा है, लेकिन रास्ते में उसे काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
बताया गया है कि बच्चा शाहजहांपुर जिले के कलान ब्लॉक, परौर थाना क्षेत्र के कुंडलिया गांव का रहने वाला है। स्थानीय स्तर पर बच्चे की समस्या को प्रशासन तक पहुंचाने और जल्द मदद दिलाने की मांग की जा रही है।
बच्चे की परेशानी इसलिए भी गंभीर है क्योंकि स्कूल जाना हर बच्चे का अधिकार और उसकी शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। पैर में चोट के कारण अगर उसे स्कूल आने-जाने में लगातार परेशानी हो रही है, तो उसे उचित सहायता मिलने की जरूरत है, ताकि उसकी पढ़ाई प्रभावित न हो।
सोशल मीडिया पर लोग जिला प्रशासन से अपील कर रहे हैं कि मामले का संज्ञान लेकर बच्चे की स्थिति की जांच कराई जाए और संभव हो तो उसके स्कूल आने-जाने में जरूरी सहायता उपलब्ध कराई जाए।
इस मामले में बच्चे की चोट का इलाज चल रहा है या उसे किस तरह की सहायता की आवश्यकता है, इसकी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है। इसलिए वायरल अपील के आधार पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के बजाय प्रशासनिक स्तर पर सत्यापन और मदद की जरूरत है।
फिलहाल सोशल मीडिया के जरिए की जा रही यह अपील एक ही संदेश दे रही है—अगर एक बच्चे को सिर्फ पैर की चोट की वजह से स्कूल पहुंचने में इतनी परेशानी हो रही है, तो उसकी मदद के लिए समाज और प्रशासन को आगे आना चाहिए।

