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भारत का इकलौता रेलवे प्लेटफॉर्म, जिसमें 14 फुटबॉल मैदान समा सकते हैं; गिनीज बुक में भी दर्ज है नाम
 

भारत का इकलौता रेलवे प्लेटफॉर्म, जिसमें 14 फुटबॉल मैदान समा सकते हैं; गिनीज बुक में भी दर्ज है नाम

भारत में रेलवे स्टेशनों की संख्या हजारों में है और कई स्टेशन अपनी खासियत के लिए जाने जाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि देश में एक ऐसा रेलवे प्लेटफॉर्म भी है, जिसकी लंबाई इतनी ज्यादा है कि उसमें करीब 14 फुटबॉल मैदान समा सकते हैं। यह कोई आम प्लेटफॉर्म नहीं, बल्कि दुनिया के सबसे लंबे रेलवे प्लेटफॉर्म के तौर पर मशहूर है और इसका नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में भी दर्ज है।

यह रेलवे प्लेटफॉर्म कर्नाटक के हुबली स्थित श्री सिद्धारूढ़ स्वामीजी हुबली जंक्शन रेलवे स्टेशन पर है। इसकी लंबाई करीब 1,505 मीटर बताई जाती है। प्लेटफॉर्म के दोनों छोरों के बीच की दूरी इतनी ज्यादा है कि पहली बार देखने वाले लोग भी इसकी लंबाई देखकर हैरान रह जाते हैं।

रिकॉर्ड में दर्ज है नाम

श्री सिद्धारूढ़ स्वामीजी हुबली जंक्शन का प्लेटफॉर्म दुनिया के सबसे लंबे रेलवे प्लेटफॉर्म के रूप में गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज है। इसकी लंबाई को लेकर कई जगह अलग-अलग आंकड़े बताए जाते हैं, लेकिन करीब 1.5 किलोमीटर लंबा प्लेटफॉर्म इसकी सबसे बड़ी खासियत है।

14 फुटबॉल मैदान के बराबर लंबाई

अगर फुटबॉल मैदान से तुलना करें तो एक अंतरराष्ट्रीय स्तर के फुटबॉल मैदान की लंबाई आम तौर पर करीब 100 से 110 मीटर के बीच होती है। इस हिसाब से हुबली के इस प्लेटफॉर्म की लंबाई लगभग 14 फुटबॉल मैदानों के बराबर बैठती है। यही तुलना इसकी विशालता को आसानी से समझने में मदद करती है।

इतना लंबा प्लेटफॉर्म क्यों बनाया गया?

लंबे प्लेटफॉर्म का फायदा बड़े पैमाने पर ट्रेन संचालन में मिलता है। लंबी ट्रेनें एक ही प्लेटफॉर्म पर पूरी तरह खड़ी हो सकती हैं। इससे यात्रियों को ट्रेन के अलग-अलग कोच तक पहुंचने में सुविधा मिलती है और रेलवे को संचालन में भी मदद मिलती है।

हुबली जंक्शन दक्षिण भारत के प्रमुख रेलवे स्टेशनों में शामिल है। यहां से कई महत्वपूर्ण यात्री ट्रेनें गुजरती हैं। स्टेशन का यह विशाल प्लेटफॉर्म इसकी पहचान बन चुका है और इसे देखने के लिए भी लोग खास तौर पर आकर्षित होते हैं।

भारत की विशाल रेलवे व्यवस्था में ऐसी कई अनोखी चीजें हैं, लेकिन हुबली का यह प्लेटफॉर्म अपनी असाधारण लंबाई के कारण खास है। यही वजह है कि इसका नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज होना इसे देश के सबसे अनोखे रेलवे प्लेटफॉर्मों में शामिल करता है

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