भारत vs दुबई? दोनों देशों के खर्चों की तुलना कर भारतीय महिला ने शेयर किए विचार, कहां रहने में फायदा; जानें
भारत से दुबई जाकर रहने वाले भारतीयों की संख्या काफी ज्यादा है। सोशल मीडिया पर अक्सर लोग दोनों जगह की कमाई, किराया और रोजमर्रा के खर्चों की तुलना करते नजर आते हैं। अब एक भारतीय महिला ने भी दुबई और भारत में रहने के खर्चों को लेकर अपना अनुभव साझा किया है। उनका वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है।
दुबई में सबसे बड़ा खर्च किराया
महिला ने भारत और दुबई के खर्चों की तुलना करते हुए बताया कि दुबई में रहने का सबसे बड़ा खर्च घर का किराया हो सकता है। हाल ही में वायरल हुए एक अन्य भारतीय महिला के वीडियो में भी दुबई में बेहद छोटे कमरे के लिए करीब 45 हजार रुपये मासिक किराये की बात सामने आई थी।
वहीं भारत के कई शहरों में इसी रकम में अपेक्षाकृत बड़ा घर किराये पर मिल सकता है। हालांकि, किराये में अंतर शहर, इलाके और घर के आकार के आधार पर काफी बदलता है।
रोजमर्रा का सामान भी महंगा
दुबई में किराने का सामान, बाहर खाना और परिवहन जैसे खर्च भी भारत के मुकाबले ज्यादा हो सकते हैं। कुछ हालिया व्यक्तिगत तुलना में लोगों ने बताया है कि दुबई में रोजमर्रा की चीजों और आवास पर होने वाला खर्च बचत को काफी प्रभावित कर सकता है।
ज्यादा कमाई का मतलब ज्यादा बचत नहीं
भारत और दुबई की तुलना में केवल सैलरी देखना पर्याप्त नहीं है। एक भारतीय टेक प्रोफेशनल के भारत और दुबई के जॉब ऑफर की तुलना में भी सामने आया था कि दुबई का पैकेज कागज पर ज्यादा था, लेकिन उसमें आवास और परिवार के लिए कुछ सुविधाएं शामिल नहीं थीं।
यानी किसी व्यक्ति के लिए दुबई में रहना आर्थिक रूप से कितना फायदेमंद होगा, यह उसकी सैलरी, किराये, परिवार के आकार, कंपनी की सुविधाओं और लाइफस्टाइल पर निर्भर कर सकता है।
महिला ने बताया अपना नजरिया
वायरल वीडियो में महिला ने इसी तरह भारत और दुबई के खर्चों को समझाने की कोशिश की है। उनका कहना है कि विदेश जाने का फैसला केवल ज्यादा सैलरी देखकर नहीं करना चाहिए। वहां रहने के बाद किराया, खाना, ट्रांसपोर्ट और दूसरी जरूरतों पर कितना खर्च होगा, इसका हिसाब पहले से लगाना जरूरी है।
इस तुलना से यह साफ होता है कि भारत या दुबई में रहने का अनुभव हर व्यक्ति के लिए अलग हो सकता है। किसी के लिए ज्यादा कमाई और अंतरराष्ट्रीय माहौल महत्वपूर्ण हो सकता है, तो किसी के लिए कम खर्च, परिवार के साथ रहना और अपनी मौजूदा जीवनशैली ज्यादा अहम हो सकती है।

