हाथ में बीयर, जुबान पर अंग्रेजी और लोगों की रोक-टोक के जवाब में अंग्रेजी में ज्ञान… हरियाणा के बताए जा रहे इस वीडियो ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है।वीडियो में एक युवती गाड़ी की डिग्गी पर बैठकर बीयर पीती नजर आ रही है। आसपास मौजूद कुछ लोग उसे ऐसा करने से रोकते हैं, लेकिन युवती उन्हें अंग्रेजी में जवाब देती दिखाई देती है।
हाथ में बियर , जुबान पर अंग्रेजी, बढ़ते ज्ञान और घटते संस्कार!
— Er. Kripa Shankar (@ErKripaShankary) September 5, 2026
ये वीडियो हरियाणा का है जहां एक लड़की गाड़ी की डिग्गी पर बैठकर बियर पी रही है और लोग मना कर रहे है तो उन्हें अंग्रेजी में ज्ञान दे रही है।
एक समय था जब भारत की महिलाओं में अदब, लाज और पर्दे का संस्कार हुआ करता था… pic.twitter.com/pmvYnTNJYf
हाथ में बियर , जुबान पर अंग्रेजी, बढ़ते ज्ञान और घटते संस्कार!
— Er. Kripa Shankar (@ErKripaShankary) September 5, 2026
ये वीडियो हरियाणा का है जहां एक लड़की गाड़ी की डिग्गी पर बैठकर बियर पी रही है और लोग मना कर रहे है तो उन्हें अंग्रेजी में ज्ञान दे रही है।
एक समय था जब भारत की महिलाओं में अदब, लाज और पर्दे का संस्कार हुआ करता था… pic.twitter.com/pmvYnTNJYf
अब सवाल सिर्फ इतना नहीं है कि कोई बीयर पी रहा है या अंग्रेजी बोल रहा है। असली सवाल यह है कि क्या अंग्रेजी बोलना, शराब पीना या अपनी मर्जी से जीवन जीना ही आधुनिक और शिक्षित होने की पहचान बन गया है?
शिक्षा का उद्देश्य इंसान को सिर्फ आधुनिक बनाना नहीं, बल्कि उसे समझदार, जिम्मेदार और अपने व्यवहार के प्रति संवेदनशील बनाना भी है। आज महिलाएं शिक्षा, रोजगार और आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं, जो निश्चित रूप से समाज के लिए सकारात्मक बदलाव है।
लेकिन आधुनिकता का मतलब यह भी नहीं होना चाहिए कि शिष्टाचार, सार्वजनिक मर्यादा और सामाजिक जिम्मेदारी को पीछे छोड़ दिया जाए।
इसी तरह किसी महिला के शराब पीने या अंग्रेजी बोलने को देखकर उसके चरित्र या शिक्षा पर सवाल उठाना भी सही नहीं है। मुद्दा महिला या पुरुष का नहीं, बल्कि सार्वजनिक स्थान पर जिम्मेदार व्यवहार का होना चाहिए।
आज जरूरत इस बात की है कि हम आधुनिकता को सिर्फ पहनावे, भाषा या लाइफस्टाइल से न जोड़ें। असली आधुनिकता वही है जिसमें आजादी के साथ जिम्मेदारी, अधिकार के साथ कर्तव्य और शिक्षा के साथ संस्कार भी हों।
आपके हिसाब से आधुनिक होने का मतलब क्या है—सिर्फ अंग्रेजी बोलना और अपनी पसंद की जिंदगी जीना, या आजादी के साथ जिम्मेदारी निभाना भी?

