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गृह प्रवेश से पहले दुल्हन से अग्निपरीक्षा जैसी घटना: सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो से मचा हड़कंप, जांच की मांग तेज

गृह प्रवेश से पहले दुल्हन से अग्निपरीक्षा जैसी घटना: सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो से मचा हड़कंप, जांच की मांग तेज

एक चौंकाने वाली कथित घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक नई दुल्हन को गृह प्रवेश से पहले दहकते अंगारों पर नंगे पांव चलने के लिए मजबूर किए जाने का दावा किया गया है। इस वीडियो को लेकर लोगों में भारी आक्रोश है और इसे महिला उत्पीड़न तथा पुरानी कुप्रथाओं का उदाहरण बताया जा रहा है।

वायरल क्लिप में दावा किया जा रहा है कि विवाह के बाद घर में प्रवेश कराने से पहले सासू मां ने दुल्हन को “पवित्रता और सहनशीलता की परीक्षा” देने के नाम पर जलते हुए अंगारों पर चलने के लिए कहा। सोशल मीडिया पोस्ट्स के अनुसार, इस दौरान यह भी धमकी दी गई कि “अगर वह इस परीक्षा में सफल नहीं हुई तो उसे परिवार में स्वीकार नहीं किया जाएगा।”

हालांकि, इस वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक किसी भी आधिकारिक स्रोत द्वारा नहीं की गई है, लेकिन इसके सामने आने के बाद यह मामला तेजी से चर्चा का विषय बन गया है। कई यूज़र्स ने इसे “अंधविश्वास और पितृसत्तात्मक सोच की चरम सीमा” बताया है।

मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और महिला संगठनों ने इस कथित घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि यदि यह घटना सही है, तो यह न केवल मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न का गंभीर मामला है, बल्कि भारतीय कानून के तहत दंडनीय अपराध भी हो सकता है। विशेषज्ञों ने ऐसे मामलों को रोकने के लिए सख्त जागरूकता अभियान और कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

सोशल मीडिया पर लोग इस घटना को लेकर दो हिस्सों में बंट गए हैं। एक पक्ष इसे “कुप्रथा और अमानवीय परंपरा” बता रहा है, जबकि दूसरा पक्ष वीडियो की प्रामाणिकता पर सवाल उठा रहा है और इसे एडिटेड या भ्रामक भी बता रहा है।

कई यूज़र्स ने सवाल उठाया है कि आधुनिक समय में भी इस तरह की परंपराएं कैसे जीवित रह सकती हैं, जहां महिलाओं को उनकी इच्छा के खिलाफ ऐसे जोखिम भरे और अपमानजनक परीक्षणों से गुजरने के लिए मजबूर किया जाए।

कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, यदि किसी महिला को उसकी सहमति के बिना इस तरह की शारीरिक या मानसिक पीड़ा दी जाती है, तो यह घरेलू हिंसा और क्रूरता की श्रेणी में आ सकता है, जिसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।

स्थानीय प्रशासन की ओर से भी मामले की जानकारी मिलने के बाद जांच की बात कही जा रही है। अधिकारियों ने कहा है कि वीडियो की सत्यता की जांच की जाएगी और यदि किसी प्रकार का उत्पीड़न पाया जाता है, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल यह वीडियो इंटरनेट पर तेजी से फैल रहा है और लोगों के बीच गुस्सा, चिंता और बहस का कारण बना हुआ है। यह घटना एक बार फिर समाज में मौजूद पुरानी रूढ़ियों और परंपराओं पर गंभीर सवाल खड़े करती है, जहां “रीति-रिवाज” के नाम पर मानव गरिमा को चुनौती दी जाती है।

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