सिंगापुर में लड़की ने बताया हर महीने का खर्च, बोली- इतने पैसों में चलता है पूरा महीना; वीडियो वायरल
सोशल मीडिया पर इन दिनों एक लड़की का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह सिंगापुर में रहने के अपने मासिक खर्च के बारे में बताती नजर आ रही है। वीडियो में लड़की ने किराए से लेकर खाने-पीने, ट्रांसपोर्ट और दूसरी रोजमर्रा की जरूरतों पर होने वाले खर्च का जिक्र किया है। उसका वीडियो सामने आने के बाद लोग सिंगापुर में रहने की वास्तविक लागत को लेकर चर्चा कर रहे हैं।
लड़की वीडियो में बताती है कि सिंगापुर में रहने के लिए सबसे बड़ा खर्च घर के किराए का होता है। यहां अकेले रहने वाले लोगों के लिए भी अच्छी लोकेशन में कमरा या फ्लैट लेना काफी महंगा पड़ सकता है। इसी वजह से कई लोग पूरा घर लेने के बजाय कमरा शेयर करना पसंद करते हैं।
इसके बाद वह खाने-पीने के खर्च की जानकारी देती है। लड़की के मुताबिक, अगर कोई व्यक्ति हर दिन महंगे रेस्तरां में खाना खाने के बजाय स्थानीय फूड कोर्ट या हॉकर सेंटर में भोजन करता है तो खर्च को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। वहीं, घर पर खाना बनाने से भी महीने के बजट को कम रखने में मदद मिलती है।
वीडियो में उसने सिंगापुर के पब्लिक ट्रांसपोर्ट का भी जिक्र किया। सिंगापुर में बस और मेट्रो का नेटवर्क काफी मजबूत है, इसलिए रोजाना आने-जाने के लिए निजी वाहन रखने के बजाय सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करना कई लोगों के लिए बेहतर विकल्प माना जाता है।
लड़की ने मोबाइल, इंटरनेट, ग्रॉसरी और दूसरी छोटी-बड़ी जरूरतों को भी अपने मासिक बजट में शामिल किया। उसका कहना है कि खर्च व्यक्ति की लाइफस्टाइल, रहने की जगह और जरूरतों के हिसाब से काफी बदल सकता है। अकेले रहने और परिवार के साथ रहने वाले लोगों का बजट भी अलग-अलग हो सकता है।
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने सिंगापुर और भारत के शहरों में रहने के खर्च की तुलना शुरू कर दी। कुछ लोगों ने कहा कि सिंगापुर में कमाई के अवसर अच्छे हैं, लेकिन उसके साथ रहने का खर्च भी काफी ज्यादा है। वहीं, कुछ यूजर्स ने लड़की से पूछा कि वहां नौकरी करने वाले व्यक्ति को औसतन कितनी सैलरी मिलती है और बचत के बाद कितना पैसा हाथ में रह जाता है।
हालांकि, लड़की द्वारा बताया गया खर्च उसका व्यक्तिगत अनुभव है। इसे सिंगापुर में रहने वाले हर व्यक्ति का निश्चित मासिक बजट नहीं माना जा सकता। वास्तविक खर्च घर के किराए, नौकरी की लोकेशन, खाने की आदतों और व्यक्तिगत जीवनशैली के आधार पर काफी अलग हो सकता है।

