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‘स्वर्ग में पापा मिले, वो बिल्कुल जवान थे…’ कोमा से जागते ही महिला ने सुनाई शॉकिंग स्टोरी
 

‘स्वर्ग में पापा मिले, वो बिल्कुल जवान थे…’ कोमा से जागते ही महिला ने सुनाई शॉकिंग स्टोरी

कोमा से बाहर आने के बाद एक महिला ने ऐसा अनुभव साझा किया, जिसे सुनकर डॉक्टर और परिवार वाले भी हैरान रह गए। महिला ने दावा किया कि जब वह बेहोशी की हालत में थी, तब उसे लगा कि वह किसी दूसरी दुनिया में पहुंच गई है। वहां उसे अपने दिवंगत पिता दिखाई दिए। महिला के मुताबिक, पिता उस समय बिल्कुल जवान नजर आ रहे थे और उन्होंने उससे बातचीत भी की।

महिला की यह कहानी अब चर्चा का विषय बनी हुई है। उसने बताया कि वह एक गंभीर स्थिति के बाद कोमा में चली गई थी। इस दौरान उसे आसपास की वास्तविक दुनिया की कोई जानकारी नहीं थी। परिवार को उसकी हालत को लेकर चिंता थी और वे लगातार उसके ठीक होने की उम्मीद कर रहे थे। जब महिला को होश आया तो उसने सबसे पहले अपने परिवार को अपने अनुभव के बारे में बताया।

महिला के मुताबिक, बेहोशी की उस अवस्था में उसे ऐसा महसूस हुआ जैसे वह किसी अलग जगह पर है। वहां का अनुभव उसके लिए बेहद वास्तविक था। इसी दौरान उसने अपने पिता को देखा, जिनका निधन पहले ही हो चुका था। महिला ने बताया कि उसके पिता वहां बिल्कुल युवा दिखाई दे रहे थे। उन्हें देखकर उसे ऐसा लगा जैसे वह अपने पुराने समय में लौट गई हो।

महिला ने दावा किया कि उसके पिता ने उसे सांत्वना दी और उससे बातचीत की। इस अनुभव ने उसे भावनात्मक रूप से काफी प्रभावित किया। जब वह पूरी तरह होश में आई तो उसने परिवार के लोगों को अपनी कहानी सुनाई। उसके मुताबिक, यह अनुभव इतना वास्तविक था कि उसे लंबे समय तक ऐसा महसूस होता रहा कि वह वास्तव में अपने पिता से मिलकर आई है।

इस तरह के अनुभवों को आम तौर पर ‘नियर-डेथ एक्सपीरियंस’ यानी मृत्यु के करीब पहुंचने के दौरान होने वाले अनुभवों से जोड़ा जाता है। गंभीर बीमारी, दुर्घटना या लंबे समय तक बेहोशी की स्थिति से बाहर आने वाले कुछ लोग रोशनी देखने, किसी परिचित व्यक्ति से मिलने या किसी दूसरी जगह मौजूद होने जैसे अनुभवों का वर्णन करते हैं।

हालांकि विज्ञान इन अनुभवों की अलग-अलग संभावित व्याख्याएं देता है। डॉक्टरों और शोधकर्ताओं के अनुसार, मस्तिष्क पर गंभीर तनाव, ऑक्सीजन की कमी, दवाओं का असर और चेतना की बदलती स्थिति के दौरान व्यक्ति को बेहद जीवंत दृश्य या अनुभव महसूस हो सकते हैं। इन्हें सीधे तौर पर किसी दूसरी दुनिया या मृत्यु के बाद के जीवन का प्रमाण नहीं माना जा सकता।

महिला के लिए हालांकि यह अनुभव बेहद व्यक्तिगत और भावनात्मक है। अपने दिवंगत पिता को फिर से देखने का दावा उसके लिए किसी भावुक मुलाकात से कम नहीं था। खासकर पिता को जवान अवस्था में देखना उसके लिए और भी यादगार अनुभव बन गया।

महिला की कहानी सोशल मीडिया और लोगों के बीच चर्चा का कारण इसलिए भी बन रही है क्योंकि उसने यह अनुभव कोमा से बाहर आने के तुरंत बाद साझा किया था। ऐसी घटनाएं अक्सर लोगों के मन में जीवन, मृत्यु और चेतना को लेकर कई सवाल पैदा करती हैं।

फिलहाल महिला द्वारा बताए गए अनुभव को उसके व्यक्तिगत अनुभव के रूप में ही देखा जा रहा है। इसके पीछे वास्तव में क्या हुआ, इसे लेकर वैज्ञानिक दृष्टिकोण और व्यक्तिगत आस्था अलग-अलग हो सकते हैं। लेकिन महिला के लिए अपने पिता से हुई यह कथित मुलाकात निश्चित रूप से उसकी जिंदगी के सबसे असाधारण अनुभवों में से एक बन गई है।

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