‘घर सिर्फ सोने आता हूं…’ 35 हजार की सैलरी और 6 घंटे का सफर, मुंबई के कर्मचारी का छलका दर्द
मुंबई की तेज रफ्तार जिंदगी में काम और घर के बीच लंबा सफर करने वाले लोगों की परेशानी अक्सर सामने आती रहती है। अब एक कर्मचारी का दर्द सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें उसने बताया कि 35 हजार रुपये की सैलरी के लिए उसे रोजाना करीब 6 घंटे का सफर करना पड़ता है। उसका कहना है कि हालत यह है कि वह “घर सिर्फ सोने आता है।”
वायरल पोस्ट में कर्मचारी ने अपनी रोजमर्रा की जिंदगी के बारे में बताया। उसने कहा कि नौकरी के लिए उसे रोज लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। सुबह घर से निकलने के बाद कई घंटे यात्रा में बीत जाते हैं और ऑफिस का समय पूरा करने के बाद वापस लौटते-लौटते दिन खत्म हो जाता है।
कर्मचारी ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि मुंबई जैसे महानगर में नौकरी करना आसान नहीं है। ज्यादा किराया और महंगे रहन-सहन के कारण कई लोग शहर से दूर रहते हैं और रोजाना लंबी दूरी तय करके काम पर पहुंचते हैं। इस सफर में उनका काफी समय और ऊर्जा खर्च हो जाती है।
उसने बताया कि 35 हजार रुपये की मासिक सैलरी के बावजूद जीवन का बड़ा हिस्सा यात्रा में निकल जाता है। परिवार के साथ समय बिताने के लिए बहुत कम वक्त बचता है। कई बार ऐसा महसूस होता है कि घर केवल आराम करने और सोने के लिए ही आता हूं।
इस पोस्ट के वायरल होने के बाद कई लोगों ने अपने अनुभव साझा किए। मुंबई, दिल्ली और अन्य बड़े शहरों में काम करने वाले कई कर्मचारियों ने बताया कि लंबा कम्यूट उनकी जिंदगी का हिस्सा बन चुका है। कुछ लोगों ने कहा कि रोजाना 3 से 4 घंटे का सफर भी मानसिक और शारीरिक थकान बढ़ा देता है।
वहीं कुछ यूजर्स ने सुझाव दिया कि बेहतर अवसर मिलने पर नौकरी के स्थान के पास रहना या वर्क फ्रॉम होम जैसी सुविधाएं कर्मचारियों के जीवन को आसान बना सकती हैं। हालांकि हर कर्मचारी के लिए ऐसा करना संभव नहीं होता।
महानगरों में बढ़ती नौकरी की जरूरत, महंगे किराये और ट्रैफिक की समस्या के कारण लाखों लोग रोजाना लंबी दूरी तय करते हैं। मुंबई लोकल और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर निर्भर बड़ी आबादी इसी तरह की चुनौतियों का सामना करती है।
फिलहाल इस कर्मचारी की कहानी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है। उसकी परेशानी ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि क्या अच्छी सैलरी के साथ कर्मचारियों के लिए बेहतर जीवन संतुलन भी उतना ही जरूरी नहीं है।

