कनाडा में ग्रिजली भालू ने साइकिलिस्ट पर किया जानलेवा हमला, शरीर पर हुए 60 गहरे घाव; छोटे चाकू से बचाई जान
जंगल में साइकिलिंग करना रोमांचक अनुभव हो सकता है, लेकिन कभी-कभी यह जानलेवा खतरे में भी बदल जाता है। कनाडा में कॉलिन नाम के एक साइकिलिस्ट के साथ ऐसा ही हुआ, जब जंगल में साइकिल चलाते समय अचानक एक ग्रिजली भालू ने उस पर हमला कर दिया। हमले में उसके शरीर पर करीब 60 गहरे घाव हो गए। चोटें इतनी गंभीर थीं कि उसके शरीर के अंदर के हिस्से तक दिखाई देने लगे थे।
इसके बावजूद कॉलिन ने हिम्मत नहीं हारी। उसने अपनी जेब में रखे छोटे चाकू का इस्तेमाल कर खुद को भालू के हमले से बचाया। इसके बाद गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उसने करीब 45 मिनट तक एक पैर से साइकिल चलाकर मदद हासिल की।
अचानक सामने आ गया ग्रिजली भालू
रिपोर्ट के मुताबिक, कॉलिन कनाडा के जंगल में साइकिलिंग कर रहे थे। इसी दौरान उनका सामना एक ग्रिजली भालू से हो गया। इससे पहले कि वह स्थिति को समझ पाते, भालू ने उन पर हमला कर दिया।
ग्रिजली भालू बेहद शक्तिशाली वन्यजीव माना जाता है। उसके पंजों और दांतों से लगी चोट बेहद गंभीर हो सकती है। कॉलिन पर हुए हमले में भी यही हुआ। भालू ने उनके शरीर पर कई बार हमला किया, जिससे करीब 60 गहरे घाव हो गए।
छोटे चाकू से किया बचाव
भालू के हमले के दौरान कॉलिन ने अपनी जान बचाने के लिए जेब में रखे छोटे चाकू का सहारा लिया। गंभीर स्थिति में उन्होंने किसी तरह भालू से खुद को बचाया और वहां से निकलने में सफल रहे।
हमले में बुरी तरह घायल होने के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं छोड़ी। शरीर से काफी खून बहने और गंभीर चोटों के बावजूद उनका ध्यान सिर्फ सुरक्षित स्थान तक पहुंचने और मदद हासिल करने पर था।
एक पैर से 45 मिनट तक चलाई साइकिल
सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि गंभीर रूप से घायल होने के बाद भी कॉलिन ने हार नहीं मानी। उन्होंने करीब 45 मिनट तक एक पैर से साइकिल चलाई और मदद मिलने वाली जगह तक पहुंचे।
उनकी हालत बेहद गंभीर थी। शरीर पर कई गहरे घाव होने के बावजूद इस तरह साइकिल चलाकर मदद तक पहुंचना उनकी असाधारण हिम्मत को दर्शाता है।
जंगल में बरतनी चाहिए अतिरिक्त सावधानी
वन्यजीव विशेषज्ञों के मुताबिक, जंगलों और ऐसे इलाकों में जहां भालू पाए जाते हैं, लोगों को बेहद सतर्क रहना चाहिए। ग्रिजली जैसे जंगली जानवरों से अचानक सामना होने पर घबराने के बजाय सुरक्षित दूरी बनाए रखना जरूरी होता है।
कॉलिन की घटना यह भी दिखाती है कि जंगल में एडवेंचर के दौरान किसी भी अप्रत्याशित स्थिति के लिए तैयार रहना कितना जरूरी है। हालांकि, भालू के हमले की स्थिति में क्या करना चाहिए, यह परिस्थिति पर निर्भर करता है और स्थानीय वन्यजीव अधिकारियों की सलाह का पालन करना सबसे सुरक्षित तरीका है।
कॉलिन की कहानी अब इसलिए चर्चा में है क्योंकि इतनी गंभीर चोटों के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं छोड़ी और मदद मिलने तक संघर्ष करते रहे। ग्रिजली के हमले के बाद उनका बच निकलना किसी चमत्कार से कम नहीं माना जा रहा है।

