बेटे की शादी में फिर से एक-दूसरे का हाथ थामा दादा-दादी ने, पवित्र बाइबिल पाठ के बीच हुआ अनोखा पल
एक शादी समारोह में उस समय भावुक और यादगार माहौल बन गया, जब दादा-दादी बन चुके रामलाल मुंडा और सहोदरी देवी ने पवित्र बाइबिल पाठ के बीच एक बार फिर पति-पत्नी के रूप में एक-दूसरे का हाथ थामा। खास बात यह रही कि इसी समारोह में उनके बेटे जीतेश्वर मुंडा ने अरुणा मुंडा के साथ विवाह के बंधन में बंधकर नई जिंदगी की शुरुआत की।
बेटे की शादी में माता-पिता का खास पल
समारोह में परिवार और रिश्तेदारों की मौजूदगी के बीच बेटे जीतेश्वर मुंडा और अरुणा मुंडा का विवाह संपन्न हुआ। इसी दौरान रामलाल मुंडा और सहोदरी देवी ने भी एक-दूसरे का हाथ थामा।
दादा-दादी बन चुके इस दंपती के लिए यह पल उनके लंबे वैवाहिक जीवन और आपसी साथ की याद दिलाने वाला रहा। बेटे के विवाह के मौके पर माता-पिता का यह दृश्य समारोह में मौजूद लोगों के लिए भी भावुक कर देने वाला था।
बाइबिल पाठ के बीच थामा हाथ
विवाह समारोह के दौरान पवित्र बाइबिल का पाठ किया जा रहा था। इसी धार्मिक माहौल के बीच रामलाल मुंडा और सहोदरी देवी ने पति-पत्नी के रूप में एक-दूसरे का हाथ थामा।
एक तरफ उनका बेटा अपनी जीवनसाथी के साथ नए जीवन की शुरुआत कर रहा था, वहीं दूसरी तरफ माता-पिता अपने रिश्ते की मजबूती और साथ का प्रतीक बनकर सामने आए।
एक ही समारोह में दो पीढ़ियों का विवाह बंधन
इस समारोह की खास बात यह रही कि इसमें परिवार की दो पीढ़ियों का वैवाहिक रिश्ता एक साथ नजर आया। बेटे जीतेश्वर मुंडा और अरुणा मुंडा ने जहां विवाह के जरिए अपने नए जीवन की शुरुआत की, वहीं उनके माता-पिता का एक-दूसरे के प्रति स्नेह और साथ भी सबके सामने आया।
परिवार के लिए यह समारोह इसलिए भी खास बन गया क्योंकि शादी केवल दो लोगों के मिलन तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसमें पति-पत्नी के लंबे साथ की झलक भी देखने को मिली।
लोगों ने बताया भावुक पल
समारोह में मौजूद लोगों के बीच इस दृश्य की चर्चा होती रही। दादा-दादी के हाथ थामने और बेटे की शादी के एक ही मंच पर होने वाले इन पलों ने समारोह को यादगार बना दिया।
यह घटना इस बात की खूबसूरत तस्वीर पेश करती है कि विवाह का रिश्ता केवल दो लोगों के साथ का नाम नहीं, बल्कि पीढ़ियों को जोड़ने वाला पारिवारिक बंधन भी है। बेटे की नई जिंदगी की शुरुआत के बीच माता-पिता का यह साथ समारोह की सबसे भावुक यादों में शामिल हो गया।

