आज ऑफिस जाने के लिए ऑटो की जगह ट्रेन से सफर करने का फैसला किया था। लेकिन ट्रेन के अंदर पहुंचते ही एक ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसे देखकर कुछ पल के लिए मैं भी हैरान रह गया।ट्रेन में इतनी ज्यादा भीड़ थी कि लोगों को खड़े होने तक की जगह मुश्किल से मिल रही थी। इसी भीड़ के बीच एक अकेली लड़की अनजान पुरुषों के बीच फंसी हुई थी। हालात ऐसे थे कि वह चाहकर भी खुद को उस भीड़ से अलग नहीं कर सकती थी।
आज Train का एक ऐसा खौफनाक दृश्य देखा जिसने रूह कंपा दी।
— Afjal Raj Guru (@afjalrajguru) September 9, 2026
आज मै Office के लिए Auto के बदले Train से जा रहा था!
Train के अंदर खचाखच भीड़ में एक अकेली लड़की अनजान पुरुषों के बीच ऐसे दबी थी, मानो कोई बेजान चीज हो।
बिना Reservation के सफर करना उसकी ऐसी मजबूरी थी!
लड़की अपने मंजिल… pic.twitter.com/s3N4bca0Rt
आज Train का एक ऐसा खौफनाक दृश्य देखा जिसने रूह कंपा दी।
— Afjal Raj Guru (@afjalrajguru) September 9, 2026
आज मै Office के लिए Auto के बदले Train से जा रहा था!
Train के अंदर खचाखच भीड़ में एक अकेली लड़की अनजान पुरुषों के बीच ऐसे दबी थी, मानो कोई बेजान चीज हो।
बिना Reservation के सफर करना उसकी ऐसी मजबूरी थी!
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उसके चेहरे पर परेशानी साफ दिखाई दे रही थी, लेकिन फिर भी वह बिना कुछ कहे अपनी मंजिल तक पहुंचने की कोशिश कर रही थी। शायद उसके लिए बिना रिजर्वेशन ट्रेन से सफर करना मजबूरी थी।उसकी खामोशी देखकर मन में एक सवाल जरूर आया कि आखिर ऐसी परिस्थितियों में एक महिला खुद को कितना असहाय महसूस करती होगी?
सफर सिर्फ एक जगह से दूसरी जगह पहुंचने का जरिया नहीं होना चाहिए। हर यात्री को सुरक्षित और सम्मानजनक तरीके से सफर करने का अधिकार मिलना चाहिए।आज ट्रेन में दिखा यह मंजर सिर्फ एक लड़की की कहानी नहीं, बल्कि उन तमाम लोगों की मजबूरी को दिखाता है जो सीमित साधनों के बावजूद रोजाना भीड़भरी ट्रेनों में सफर करने को मजबूर हैं।
जिंदगी में आगे बढ़ने और सम्मान के साथ जीने के लिए पैसा कमाना जरूरी है, लेकिन क्या आर्थिक मजबूरी किसी इंसान को ऐसी परिस्थितियों में सफर करने के लिए मजबूर कर दे, जहां उसकी सुरक्षा और सम्मान दोनों दांव पर लग जाएं?क्या आपने भी कभी ट्रेन या बस के सफर में ऐसी बेबसी देखी है? अपनी कहानी कमेंट में जरूर बताएं।

