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पांच साल के बच्चे ने 4100 से ज्यादा Push Ups लगाकर रचा इतिहास, इनाम में मिली मर्सिडीज कार

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क्या आप जिम जाते हैं? अगर जाते हैं, तो यह सवाल जरूर कभी न कभी आपके मन में आया होगा कि आप एक दिन में कितने पुश-अप्स कर सकते हैं। शायद आपका जवाब होगा 20, 50, 100 या बहुत ज्यादा हुआ तो 500 पुश-अप्स। और अगर आप फिटनेस के शौकीन हैं तो शायद 1000 तक भी पहुंच सकते हैं। लेकिन क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि महज 5 साल का एक बच्चा आपसे कहीं ज्यादा पुश-अप्स कर सकता है, वो भी हजारों की संख्या में?

यह कोई मज़ाक या इंटरनेट की कोई अफवाह नहीं है। हम बात कर रहे हैं रूस के राखीम कुरायव नामक बच्चे की, जिसने महज पांच साल की उम्र में ऐसा कारनामा कर दिखाया है जिसे सुनकर अच्छे-अच्छों की हिम्मत जवाब दे जाए।

4,105 पुश-अप्स और एक नया इतिहास

रूस के चेचन्या क्षेत्र से ताल्लुक रखने वाले राखीम कुरायव ने 2 घंटे 25 मिनट में 4,105 पुश-अप्स कर पूरी दुनिया को हैरान कर दिया। आमतौर पर इतनी संख्या में पुश-अप्स लगाने के लिए महीनों की मेहनत, स्टेमिना और अनुशासन की जरूरत होती है। लेकिन इस नन्हे बच्चे ने जो कर दिखाया, वह हर मायने में एक रिकॉर्ड से कम नहीं है।

इतने कम उम्र में इतनी अधिक संख्या में पुश-अप्स करना न केवल फिजिकल स्ट्रेंथ बल्कि मेंटल फोकस और समर्पण की भी मिसाल है। राखीम की यह उपलब्धि न केवल रूस बल्कि पूरी दुनिया के फिटनेस जगत के लिए एक प्रेरणा बन गई है।

इनाम में मिली मर्सिडीज कार

इतिहास रचने वाले इस कारनामे के बाद, रूसी सेना के लेफ्टिनेंट और चेचन्या के प्रमुख रमजान कद्दरोव ने राखीम की इस उपलब्धि से प्रभावित होकर उसे इनाम स्वरूप एक चमचमाती मर्सिडीज कार भेंट की। हालांकि राखीम की उम्र महज 5 साल है और वो कार चला नहीं सकता, फिर भी रमजान ने उसे यह कहते हुए कार दी:

"ये कार तुम्हारे पिता चलाएंगे, लेकिन इसमें बैठने का हक तुमने कमाया है। तुम इस लग्ज़री कार में चलने के हकदार हो।"

इस मर्सिडीज कार की कीमत लगभग 26 लाख रुपये बताई जा रही है। इस तोहफे ने सिर्फ राखीम ही नहीं, बल्कि उसके पूरे परिवार को गौरवान्वित कर दिया।

बॉडी बिल्डिंग का शौक, उम्र से बड़ा हौसला

राखीम कुरायव का कहना है कि उसे बॉडी बिल्डिंग और एक्सरसाइज का शौक बचपन से ही है। उसने दावा किया है कि वो 5,000 से भी ज्यादा पुश-अप्स मार सकता है। उसका कहना है कि वह "नामुमकिन को मुमकिन" करने में विश्वास करता है।

इतनी कम उम्र में इतनी बड़ी सोच और दृढ़ निश्चय किसी भी व्यक्ति को प्रेरित करने के लिए काफी है। जहां बच्चे इस उम्र में खिलौनों और मोबाइल गेम्स में खोए रहते हैं, वहीं राखीम का जीवन अनुशासन, फिटनेस और लक्ष्य की ओर केंद्रित है।

एक प्रेरणा पूरी दुनिया के लिए

राखीम की यह उपलब्धि सिर्फ एक शारीरिक प्रदर्शन नहीं, बल्कि मेहनत, आत्मविश्वास और लगन की मिसाल है। यह कहानी हमें सिखाती है कि अगर इरादे पक्के हों तो उम्र, संसाधन या परिस्थिति कोई मायने नहीं रखते। राखीम ने जिस तरह से खुद को तैयार किया, अपने शरीर पर नियंत्रण पाया और रिकॉर्ड बनाया, वह हर उस व्यक्ति के लिए प्रेरणा है जो अपने शरीर और आत्मबल को मजबूत करना चाहता है।

लेफ्टिनेंट का वादा: एक दिन साथ करेंगे वर्कआउट

चेचन नेता रमजान कद्दरोव ने राखीम को न केवल इनाम दिया बल्कि उससे यह वादा भी किया कि एक दिन वह खुद उसके साथ वर्कआउट करेंगे। इस तरह के शब्द किसी भी छोटे बच्चे के लिए बड़ा हौसला बनते हैं। उन्होंने राखीम को एक "राष्ट्रीय गर्व" की संज्ञा दी और कहा कि ऐसे बच्चों को आगे बढ़ने का हर मौका देना चाहिए।

निष्कर्ष: एक नन्हा चैंपियन, एक बड़ी सीख

राखीम कुरायव की कहानी यह साबित करती है कि किसी भी लक्ष्य को पाने के लिए उम्र मायने नहीं रखती। पांच साल की उम्र में जिस तरह से इस बच्चे ने स्टेमिना, हिम्मत और अनुशासन के बल पर इतिहास रच दिया, वह हर व्यक्ति के लिए एक आइना है।

यह सिर्फ एक रिकॉर्ड नहीं, एक मानसिक और शारीरिक दृढ़ता की कहानी है। राखीम जैसे बच्चे ही आने वाले समय के वे सितारे हैं, जो न केवल अपने देश का नाम रौशन करेंगे, बल्कि पूरी दुनिया को यह सिखाएंगे कि नामुमकिन जैसा कुछ नहीं होता।

आप चाहें तो आज से ही अपने फिटनेस गोल्स पर काम करना शुरू करें… क्या पता अगला रिकॉर्ड आप ही बनाएं!

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