पहले बताया मोमोज 50 रुपये, खाने के बाद बोला- बैठने के 50 रुपये अलग! वायरल हुआ वीडियो
उत्तराखंड के खटीमा से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने स्ट्रीट फूड बेचने वाले दुकानदारों की मनमानी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में एक युवक और मोमोज बेचने वाले ठेले के संचालक के बीच पैसों को लेकर बहस होती दिखाई दे रही है।
ऐसे ही दुकानदार पूरे शहर को बदनाम करते हैं और फिर लोग नहीं आते तो कहते हैं कि कमाई नहीं हो रही हैं,
— Prem Bhardwaj (@premkumarcbn01) September 10, 2026
खटीमा में एक युवक ठेले वाले से 50 रुपए प्लेट मोमोज खाया, और जब पैसे दिया तो उसने 100 रुपए काट लिए।
युवक पूछा कि मोमोज तो 50 के थे तो ठेले वाला बोल रहा हैं कि अंदर बैठे थे उसका 50… pic.twitter.com/1013ttRDoP
ऐसे ही दुकानदार पूरे शहर को बदनाम करते हैं और फिर लोग नहीं आते तो कहते हैं कि कमाई नहीं हो रही हैं,
— Prem Bhardwaj (@premkumarcbn01) September 10, 2026
खटीमा में एक युवक ठेले वाले से 50 रुपए प्लेट मोमोज खाया, और जब पैसे दिया तो उसने 100 रुपए काट लिए।
युवक पूछा कि मोमोज तो 50 के थे तो ठेले वाला बोल रहा हैं कि अंदर बैठे थे उसका 50… pic.twitter.com/1013ttRDoP
बताया जा रहा है कि युवक एक ठेले पर मोमोज खाने पहुंचा था। वहां मोमोज की कीमत 50 रुपये प्लेट बताई गई थी। युवक ने मोमोज खाए और खाने के बाद जब उसने पैसे दिए तो उससे कथित तौर पर 100 रुपये मांगे गए। युवक ने जब इसकी वजह पूछी तो ठेले वाले की तरफ से जो जवाब मिला, उसे सुनकर वह खुद भी हैरान रह गया।
युवक ने सवाल किया कि जब मोमोज की कीमत 50 रुपये प्लेट है तो फिर 100 रुपये क्यों लिए जा रहे हैं? इस पर ठेले वाले ने कथित तौर पर कहा कि 50 रुपये मोमोज के हैं और बाकी 50 रुपये बैठकर खाने के हैं।
युवक ने इस अतिरिक्त चार्ज पर सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसा तो कहीं नहीं होता। अगर बैठने के पैसे अलग से लिए जा रहे हैं तो पहले ही ग्राहकों को इसके बारे में बताया जाना चाहिए। लेकिन वीडियो में ठेले वाला कथित तौर पर यह कहते हुए नजर आता है कि उसके यहां बैठकर खाने पर 50 रुपये ज्यादा लगते हैं और उसके यहां ऐसा ही होता है।
इस बातचीत के बाद मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया। लोगों का कहना है कि किसी भी खाने-पीने की चीज की कीमत अगर 50 रुपये है और बैठने के लिए अलग से पैसे लिए जाते हैं, तो ग्राहक को ऑर्डर देने से पहले ही इसकी जानकारी स्पष्ट रूप से दी जानी चाहिए। अचानक बिल बढ़ाकर ग्राहक से अतिरिक्त रकम मांगना कई लोगों को गलत लगा।
सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर लोग तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ लोगों का कहना है कि ऐसे ही कुछ दुकानदारों की वजह से पूरे शहर के छोटे दुकानदारों और स्ट्रीट फूड कारोबारियों की छवि खराब होती है। जब ग्राहक किसी शहर में घूमने या खाने के लिए जाता है, तो वह अच्छे स्वाद के साथ-साथ सही व्यवहार और पारदर्शी कीमत की भी उम्मीद करता है।
अगर किसी चीज का रेट 50 रुपये है और बैठने के लिए अतिरिक्त शुल्क लिया जाता है, तो ग्राहक को पहले से इसकी जानकारी देना सामान्य पारदर्शिता का हिस्सा होना चाहिए। इससे ग्राहक अपनी इच्छा से तय कर सकता है कि उसे बैठकर खाना है या पैक करवाकर ले जाना है।
इस तरह के मामलों का असर सिर्फ एक ग्राहक तक सीमित नहीं रहता। अगर कोई व्यक्ति किसी शहर में ऐसा अनुभव लेकर जाता है और बाद में सोशल मीडिया पर अपनी बात साझा करता है, तो उस शहर के दूसरे दुकानदारों और छोटे कारोबारियों की छवि पर भी असर पड़ सकता है।
हालांकि, वायरल वीडियो के आधार पर घटना के सभी पहलुओं की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए पूरे मामले में दुकानदार और ग्राहक दोनों पक्षों की बात सामने आना जरूरी है। अगर अतिरिक्त शुल्क पहले से बताया गया था, तो स्थिति अलग हो सकती है; लेकिन अगर ग्राहक को बिना बताए अचानक अतिरिक्त रकम मांगी गई, तो यह निश्चित रूप से सवाल खड़े करता है।
यह घटना एक बार फिर बताती है कि छोटे से छोटा कारोबार हो या बड़ा रेस्टोरेंट, ग्राहक के साथ कीमत और अतिरिक्त शुल्क को लेकर पूरी जानकारी साफ-साफ साझा करना बेहद जरूरी है। क्योंकि ग्राहक सिर्फ खाना नहीं खरीदता, वह अपने पैसे के बदले एक अच्छा अनुभव भी चाहता है।
अब यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में है और लोग सवाल पूछ रहे हैं कि अगर 50 रुपये की प्लेट बैठकर खाने पर 100 रुपये की हो जाती है, तो ग्राहक को इसकी जानकारी पहले क्यों नहीं दी गई?

