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सूखे के डर से छत्तीसगढ़ में कराई गई मेंढक-मेंढकी की शादी, इधर मानसून फिर सक्रिय; अगले 4 दिन बारिश का अलर्ट

सूखे के डर से छत्तीसगढ़ में कराई गई मेंढक-मेंढकी की शादी, इधर मानसून फिर सक्रिय; अगले 4 दिन बारिश का अलर्ट

छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में बारिश की कमी और सूखे की आशंका के बीच ग्रामीणों ने परंपरा के अनुसार अनोखा आयोजन किया। खूंशी गांव में ग्रामीणों ने वैदिक रीति-रिवाजों के साथ मेंढक-मेंढकी की शादी कराई। मान्यता है कि इस तरह का आयोजन करने से इंद्रदेव प्रसन्न होते हैं और अच्छी बारिश होती है।

ग्रामीणों ने पूरे विधि-विधान के साथ मेंढक और मेंढकी का विवाह कराया। इस दौरान बाकायदा बारात निकाली गई और शादी की रस्में निभाई गईं। गांव के लोगों ने उम्मीद जताई कि इस परंपरा के बाद क्षेत्र में अच्छी बारिश होगी और किसानों को राहत मिलेगी।

बारात और वैदिक मंत्रों के बीच हुई शादी

खूंशी गांव में आयोजित इस अनोखी शादी में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। लोगों ने मेंढक-मेंढकी को दूल्हा-दुल्हन की तरह सजाया और पारंपरिक तरीके से विवाह की रस्में पूरी कीं। ग्रामीणों का कहना है कि यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है और बारिश के लिए आस्था से जुड़ी हुई है।

किसानों के लिए बारिश बेहद जरूरी है, क्योंकि खेती काफी हद तक मानसून पर निर्भर रहती है। बारिश में देरी होने से ग्रामीण क्षेत्रों में चिंता बढ़ गई थी, जिसके बाद लोगों ने यह धार्मिक आयोजन किया।

मानसून ने दी राहत, अगले चार दिन बारिश का अलर्ट

इस बीच प्रदेश के लोगों के लिए राहत की खबर सामने आई है। छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक राज्य के कई हिस्सों में बारिश की संभावना जताई है।

मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में अब तक सामान्य से करीब 17 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। बारिश की कमी का असर कई जिलों में देखने को मिल रहा है। हालांकि, मानसून के दोबारा सक्रिय होने से किसानों और आम लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।

सारंगढ़ में सबसे ज्यादा, सरगुजा में सबसे कम बारिश

बारिश के आंकड़ों के मुताबिक, राज्य के अलग-अलग जिलों में वर्षा की स्थिति में काफी अंतर देखने को मिला है। सारंगढ़ क्षेत्र में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई है, जबकि सरगुजा में अब तक सबसे कम पानी गिरा है।

कम बारिश वाले इलाकों में किसान चिंतित हैं और अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं। मौसम विभाग के नए अलर्ट के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में बारिश की कमी कुछ हद तक पूरी हो सकती है।

ग्रामीणों की आस्था और मौसम विभाग की भविष्यवाणी के बीच अब सभी की नजरें आसमान पर टिकी हैं। अगर अगले कुछ दिनों में अच्छी बारिश होती है तो खेती-किसानी को बड़ा सहारा मिल सकता है।

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