डिजिटल मीडिया टेक्नोलॉजी टॉपर को 500+ आवेदन के बाद भी नौकरी नहीं, बेरोजगारी और AI पर उठे सवाल
डिजिटल मीडिया टेक्नोलॉजी में टॉप करने वाले एक 21 वर्षीय छात्र की कहानी इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। उच्च शिक्षा में बेहतरीन प्रदर्शन करने के बावजूद उन्हें नौकरी पाने में गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ा है।
जानकारी के अनुसार, छात्र ने लगभग 500 से अधिक नौकरियों के लिए आवेदन किया, लेकिन इसके बावजूद उन्हें केवल करीब 20 इंटरव्यू कॉल ही मिल सके। हैरानी की बात यह है कि इनमें से किसी भी इंटरव्यू से उन्हें नौकरी का ऑफर नहीं मिला।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस पूरी प्रक्रिया में उन्होंने करीब 1 लाख पाउंड (लगभग बड़ी राशि) खर्च किए, जिसमें आवेदन प्रक्रिया, रहने-खाने और इंटरव्यू से जुड़ी तैयारियों का खर्च शामिल है। इसके बावजूद सफलता न मिलने से वह निराश हैं।
छात्र का मानना है कि इसके पीछे कई बड़े कारण हैं, जिनमें महामारी के बाद नौकरी बाजार में आई कमी, कंपनियों द्वारा भर्ती में कटौती और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का बढ़ता उपयोग शामिल है। उनका कहना है कि कई कंपनियां अब पारंपरिक भर्ती की बजाय ऑटोमेशन और AI टूल्स पर अधिक निर्भर हो रही हैं।
विशेषज्ञ भी मानते हैं कि वैश्विक नौकरी बाजार में पिछले कुछ वर्षों में बड़ा बदलाव आया है। खासकर तकनीकी और मीडिया सेक्टर में प्रतिस्पर्धा बढ़ी है और एंट्री-लेवल जॉब्स की संख्या में गिरावट देखी जा रही है।
इस घटना ने एक बार फिर इस बहस को जन्म दिया है कि क्या डिग्री और टॉप रैंकिंग अब नौकरी की गारंटी नहीं रह गई हैं, और क्या भविष्य में कौशल आधारित शिक्षा और AI-स्किल्स अधिक महत्वपूर्ण हो जाएंगे।
फिलहाल यह मामला नौकरी बाजार की बदलती वास्तविकताओं और युवाओं के सामने बढ़ती चुनौतियों को उजागर करता है।

