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पिता को अस्पताल ले जा रहे बेटे की गुहार भी नहीं मानी? वायरल VIDEO ने खड़े किए बड़े सवाल

पिता को अस्पताल ले जा रहे बेटे की गुहार भी नहीं मानी? वायरल VIDEO ने खड़े किए बड़े सवाल

सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक युवक अपने बीमार पिता को अस्पताल ले जाता हुआ नजर आ रहा है. दावा किया जा रहा है कि रास्ते में पुलिसकर्मी ने उन्हें रोक लिया और हेलमेट नहीं पहनने को लेकर चालान की कार्रवाई शुरू कर दी. इसके बाद जो कुछ हुआ, उसने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है.वायरल वीडियो में किए जा रहे दावे के मुताबिक, युवक अपने पिता को इलाज के लिए अस्पताल ले जा रहा था. बताया जा रहा है कि उसके पिता के हाथ में अचानक ऐसी समस्या हो गई थी, जिसकी वजह से हाथ ठीक से काम नहीं कर रहा था. स्थिति को देखते हुए युवक उन्हें जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाना चाहता था.



इसी दौरान रास्ते में एक पुलिसकर्मी ने उनकी बाइक रोक ली. आरोप है कि पुलिसकर्मी ने हेलमेट नहीं पहनने को लेकर चालान काटना शुरू कर दिया. युवक ने पुलिसकर्मी को समझाने की कोशिश की कि वह किसी सामान्य काम से नहीं जा रहा है, बल्कि अपने पिता को लेकर अस्पताल जा रहा है और यह इमरजेंसी की स्थिति है.

युवक ने कथित तौर पर पुलिसकर्मी से यह भी कहा कि अस्पताल में इलाज के लिए पहले ही काफी पैसे खर्च होंगे, इसलिए उस पर चालान न किया जाए. लेकिन वायरल वीडियो में दावा किया जा रहा है कि पुलिसकर्मी ने उसकी बात नहीं मानी और चालान की कार्रवाई जारी रखी.

मामला उस वक्त और ज्यादा बढ़ गया, जब युवक की तरफ से पूरी घटना का वीडियो रिकॉर्ड किया जाने लगा. वीडियो में किए जा रहे दावे के अनुसार, पुलिसकर्मी इससे नाराज हो गया. इसके बाद वाहन पर करीब ₹3,500 का चालान लगाने और बाइक को जब्त करने की बात सामने आती है.

आरोप यह भी है कि पुलिसकर्मी ने बाइक के कागजात को लेकर सवाल उठाए और कहा कि वाहन के दस्तावेज सही नहीं हैं और यह चोरी का भी हो सकता है. इसके बाद कथित तौर पर युवक से कहा गया कि अब उन्हें पैदल ही आगे जाना पड़ेगा और बाइक वापस नहीं मिलेगी.हालांकि, युवक की तरफ से दावा किया जा रहा है कि बाइक बिल्कुल नई थी और उसके सभी जरूरी दस्तावेज मौजूद थे. उसका कहना है कि केवल पिता को अस्पताल पहुंचाने की जल्दबाजी में हेलमेट नहीं पहना गया था.

इस वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोग दो अलग-अलग राय में बंट गए हैं. कुछ लोगों का कहना है कि ट्रैफिक नियम सभी के लिए जरूरी हैं और हेलमेट पहनना किसी भी स्थिति में नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए. वहीं दूसरी तरफ कुछ लोग सवाल उठा रहे हैं कि अगर वास्तव में मेडिकल इमरजेंसी थी, तो क्या पुलिसकर्मी को पहले मरीज की स्थिति समझकर मानवीय आधार पर मदद नहीं करनी चाहिए थी?

यहां सबसे बड़ा सवाल यही है कि कानून और नियम अपनी जगह जरूरी हैं, लेकिन क्या गंभीर मेडिकल इमरजेंसी जैसी स्थिति में मानवीय संवेदनशीलता के लिए कोई गुंजाइश नहीं होनी चाहिए?

दूसरी ओर, अगर वायरल वीडियो में बताए गए वाहन के दस्तावेज और बाकी दावे सही हैं, तो कार्रवाई की परिस्थितियों को लेकर भी सवाल उठना स्वाभाविक है. लेकिन सिर्फ सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर पुलिसकर्मी या युवक में से किसी को पूरी तरह सही या गलत ठहराना उचित नहीं होगा.

फिलहाल वायरल वीडियो में किए जा रहे इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है. पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर पुलिस की कार्रवाई, चालान और वाहन जब्ती से जुड़े आधिकारिक रिकॉर्ड सामने आने के बाद ही साफ हो सकेगी.

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