क्या Zepto ने ग्राहक को चिपकाया पुराना माल? पैंट की जेब से निकली ऐसी चीज देखते ही चकराया सिर
आज के समय में अगर कोई सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला ट्रेंड है, तो वह है ऑनलाइन शॉपिंग। चाहे खाने-पीने का सामान हो, कपड़े हों या इलेक्ट्रॉनिक्स — हर चीज अब कुछ क्लिक पर घर के दरवाजे तक आ जाती है। ज़्यादातर लोग अब ऑफलाइन मार्केटिंग से ज्यादा भरोसा ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर करने लगे हैं। लेकिन इसी भरोसे का मज़ाक तब उड़ जाता है जब ऑर्डर की गई चीज कुछ और निकलती है — और यही हुआ हाल ही में एक ग्राहक के साथ जिसने Zepto से ट्रैक पैंट मंगवाया था।
भरोसे की शॉपिंग, हकीकत में धोखा?
ऑनलाइन ऑर्डर देने वाला यह शख्स Reddit पर काफी एक्टिव रहता है। उसने हाल ही में एक पोस्ट में अपने अनुभव को साझा किया और पूरी कहानी बयान करते हुए एक तस्वीर भी शेयर की। उसने लिखा,
"मैंने Zepto से एक ट्रैक पैंट मंगवाया। लेकिन जब डिलीवरी आई और मैंने पैकेट खोला, तो उसमें से निकला — एक पुराना, गंदा कपड़ा, ₹10 का नोट और जयपुर की बस का एक स्टिकर!"
ये पढ़कर और देखकर किसी को भी हंसी और गुस्सा दोनों आ सकते हैं। एक तरफ ग्राहक को उसके पैसे का सही प्रोडक्ट नहीं मिला, दूसरी तरफ जिस चीज की उम्मीद की गई थी, उसके बदले में एक मज़ाक की तरह ट्रीट किया गया।
₹10 का नोट और जयपुर बस स्टिकर — क्या किसी का मज़ाक है?
इस पोस्ट के वायरल होते ही सोशल मीडिया पर लोगों ने तरह-तरह की प्रतिक्रिया देनी शुरू कर दी। किसी ने इसे मज़ेदार घटना बताया, तो किसी ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े किए। एक यूजर ने लिखा,
"इस पैंट से तो कम से कम SURF EXCEL खरीदो और धो लो, शायद नया जैसा लगे।"
तो वहीं दूसरे ने लिखा, "लगता है पैंट खुद जयपुर बस में सफर करके आया है।"
एक यूजर ने गंभीर लहजे में लिखा —
"ऑनलाइन कंपनियों को कस्टमर से ट्रस्ट का सौदा करना बंद कर देना चाहिए। यह सिर्फ मज़ाक नहीं, धोखा है।"
Zepto की भूमिका पर सवाल
हालांकि Zepto मुख्यतः एक इंस्टेंट ग्रोसरी डिलीवरी प्लेटफॉर्म के रूप में जाना जाता है, लेकिन हाल के दिनों में उसने अन्य डेली यूज़ सामान जैसे कपड़े, हाउसहोल्ड आइटम्स आदि की भी डिलीवरी शुरू की है। ऐसे में ग्राहक को यह उम्मीद बिल्कुल नहीं रही होगी कि Zepto जैसे ब्रांडेड प्लेटफॉर्म से उसे गंदा कपड़ा, ₹10 का नोट और एक स्टिकर मिलेगा।
अब सवाल ये उठता है —
क्या यह गलती कंपनी की ओर से हुई है या फिर किसी थर्ड पार्टी विक्रेता ने प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग किया है?
ग्राहकों का भरोसा कैसे टूटता है
ऑनलाइन शॉपिंग का सबसे बड़ा आधार है — भरोसा। ग्राहक जिस चीज़ की फोटो देखकर ऑर्डर करता है, वह उसे ज्यों की त्यों मिले — यह एक न्यूनतम उम्मीद होती है। लेकिन जब उसे कुछ और, वो भी बेकार चीज मिलती है, तो यह न सिर्फ अनुभव खराब करता है, बल्कि कंपनी की छवि पर भी असर डालता है।
इस तरह के मामलों की संख्या भले ही कम हो, लेकिन सोशल मीडिया के दौर में एक मामला भी तेजी से वायरल हो जाता है और लोगों के बीच प्लेटफॉर्म की साख को नुकसान पहुंचाता है।
क्या कर सकते हैं ग्राहक?
ऐसे मामलों से बचने के लिए ग्राहक कुछ सावधानियां बरत सकते हैं:
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डिलीवरी के समय वीडियो बनाना – प्रोडक्ट रिसीव करते वक्त वीडियो बनाने से प्रूफ मिल जाता है, जो शिकायत दर्ज करने में मदद करता है।
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केवल वेरिफाइड विक्रेता से खरीदारी करना – थर्ड पार्टी विक्रेताओं की रेटिंग जरूर देखें।
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प्रोडक्ट डिटेल्स और रिव्यू पढ़ें – ऑर्डर करने से पहले प्रोडक्ट की विश्वसनीयता की जांच करें।
निष्कर्ष
इस घटना ने एक बार फिर ये साबित कर दिया है कि ऑनलाइन शॉपिंग में हमेशा सावधानी बरतनी चाहिए। Zepto जैसी कंपनियों को भी चाहिए कि वो अपने प्लेटफॉर्म पर विक्रेताओं की सख्त निगरानी करें और ग्राहकों की शिकायतों का तुरंत समाधान करें, वरना भविष्य में उनका ट्रस्ट फैक्टर बुरी तरह प्रभावित हो सकता है।
कहानी मज़ाकिया जरूर है — लेकिन इसकी जड़ में छुपा सवाल बहुत गंभीर है:
क्या ऑनलाइन शॉपिंग वाकई सुरक्षित और भरोसेमंद है?

