नेपाल में प्राकृतिक आपदा का खतरा लगातार बना हुआ है। इसी बीच सुदूरपश्चिम प्रांत के दार्चुला जिले से चिंता बढ़ाने वाली खबर सामने आई है। यहां आपी हिमाल ग्रामीण नगरपालिका क्षेत्र में बड़े पैमाने पर भूस्खलन के कारण चुलानी नदी का बहाव आंशिक रूप से बाधित हो गया है।
🇳🇵 नेपाल में डिजास्टर का दंश अभी भी जारी है।
— Madhurendra kumar मधुरेन्द्र कुमार (@Madhurendra13) September 5, 2026
सुदूरपश्चिम प्रांत के दार्चुला जिले स्थित अपी हिमाल ग्रामीण नगरपालिका में एक बड़े भूस्खलन के कारण चौलानी नदी का प्रवाह आंशिक रूप से अवरुद्ध हो गया ।
प्रशासन ने संभावित अचानक बाढ़ के खतरे को देखते हुए नदी के निचले इलाकों में रहने… pic.twitter.com/NTYAlE19cA
🇳🇵 नेपाल में डिजास्टर का दंश अभी भी जारी है।
— Madhurendra kumar मधुरेन्द्र कुमार (@Madhurendra13) September 5, 2026
सुदूरपश्चिम प्रांत के दार्चुला जिले स्थित अपी हिमाल ग्रामीण नगरपालिका में एक बड़े भूस्खलन के कारण चौलानी नदी का प्रवाह आंशिक रूप से अवरुद्ध हो गया ।
प्रशासन ने संभावित अचानक बाढ़ के खतरे को देखते हुए नदी के निचले इलाकों में रहने… pic.twitter.com/NTYAlE19cA
भूस्खलन के बाद नदी का रास्ता प्रभावित होने से प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। अगर मलबे के कारण नदी का पानी ज्यादा देर तक रुका रहा और अचानक रास्ता टूट गया, तो नीचे की ओर बसे इलाकों में अचानक बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो सकती है।
इसी संभावित खतरे को देखते हुए प्रशासन ने नदी के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और जरूरी सावधानियां बरतने की अपील की है। लोगों को नदी के आसपास जाने से बचने और किसी भी अप्रत्याशित स्थिति के लिए तैयार रहने की सलाह दी गई है।
भूस्खलन के कारण पहाड़ी इलाकों में पहले से ही मुश्किलें बढ़ी हुई हैं। ऐसे में नदी का बहाव प्रभावित होना स्थानीय लोगों के लिए एक और गंभीर चिंता का कारण बन गया है।
सबसे बड़ा खतरा उस स्थिति में हो सकता है जब जमा हुआ पानी अचानक तेज बहाव के साथ नीचे की ओर बढ़े। ऐसी स्थिति में नदी किनारे बसे इलाकों में रहने वाले लोगों को बेहद कम समय में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
फिलहाल प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों से किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न देकर आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की अपील की जा रही है।
नेपाल के पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और भारी बारिश के दौरान इस तरह की घटनाएं अचानक बड़ा खतरा पैदा कर सकती हैं। ऐसे में स्थानीय लोगों की सतर्कता और समय पर प्रशासनिक कार्रवाई बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है।

