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Cyclone Arnab: वाकई आ रहा है 'चक्रवात अर्नब'? सोशल मीडिया पर वायरल दावे का चौंकाने वाला सच

Cyclone Arnab: वाकई आ रहा है 'चक्रवात अर्नब'? सोशल मीडिया पर वायरल दावे का चौंकाने वाला सच

सोशल मीडिया पर पिछले कुछ दिनों से 'चक्रवात अर्नब' को लेकर कई तरह के दावे वायरल हो रहे हैं। पोस्ट और वीडियो में दावा किया जा रहा है कि बंगाल की खाड़ी से 'अर्नब' नाम का खतरनाक चक्रवात उठ चुका है और यह कई राज्यों में तबाही मचाने वाला है। लेकिन भारतीय मौसम विभाग यानी IMD के आधिकारिक अपडेट की तस्वीर इससे अलग है। दरअसल, बंगाल की खाड़ी में बना मौसम तंत्र चक्रवात नहीं, बल्कि डीप डिप्रेशन था।

IMD के रिकॉर्ड के मुताबिक 23 सितंबर को यह सिस्टम उत्तर आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा के तट की ओर बढ़ रहा था। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया था कि इसके चक्रवाती तूफान में बदलने की संभावना नहीं है। सिस्टम ने बाद में आंध्र प्रदेश के कलिंगपट्टनम के पास तट को पार किया।

फिर 'अर्नब' नाम आया कहां से?

यही सवाल सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा पूछा जा रहा है। दरअसल, 'अर्नब' कोई मनगढ़ंत नाम नहीं है। यह बंगाल की खाड़ी और अरब सागर के उष्णकटिबंधीय तूफानों के लिए पहले से तैयार नामों की सूची में शामिल है। रिपोर्टों के मुताबिक यह नाम बांग्लादेश की ओर से सुझाया गया है और बंगाली भाषा में इसका अर्थ 'समुद्र' बताया जाता है।

लेकिन किसी नाम का सूची में मौजूद होना और किसी मौसम तंत्र का आधिकारिक तौर पर उस नाम से चक्रवात घोषित होना दो अलग बातें हैं। किसी सिस्टम को नाम तभी दिया जाता है, जब वह निर्धारित चक्रवाती तूफान की श्रेणी तक पहुंचता है।

डीप डिप्रेशन और चक्रवात में क्या अंतर?

मौसम वैज्ञानिकों के वर्गीकरण में डीप डिप्रेशन और चक्रवाती तूफान अलग-अलग श्रेणियां हैं। वायरल दावों में सबसे बड़ी गड़बड़ी इसी अंतर को लेकर दिखाई देती है।

बंगाल की खाड़ी में बना सिस्टम डीप डिप्रेशन के स्तर पर था। इसकी वजह से ओडिशा और आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश और तेज हवाओं का असर जरूर पड़ा, लेकिन इसे आधिकारिक तौर पर 'Cyclone Arnab' नहीं कहा गया।

खतरा नहीं था, ऐसा भी नहीं

चक्रवात नहीं होने का मतलब यह नहीं है कि मौसम पूरी तरह सामान्य था। डीप डिप्रेशन के कारण ओडिशा और आंध्र प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश, तेज हवाओं और समुद्र में खराब परिस्थितियों की चेतावनी जारी की गई थी। कई इलाकों में जलभराव और अन्य मौसम संबंधी परेशानियां भी सामने आईं।

25 सितंबर के IMD अपडेट में भी संबंधित मौसम प्रणाली के कमजोर होकर डिप्रेशन के रूप में दक्षिण छत्तीसगढ़ और आसपास के दक्षिणी आंतरिक ओडिशा क्षेत्र में मौजूद होने की जानकारी दी गई थी।

सोशल मीडिया के दावे से रहें सावधान

'चक्रवात अर्नब आ रहा है' जैसे दावों को देखकर घबराने की जरूरत नहीं है। इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वायरल पोस्ट में इस्तेमाल किया गया 'अर्नब' नाम वास्तविक नामों की सूची से जुड़ा है, लेकिन संबंधित मौसम तंत्र को IMD ने आधिकारिक तौर पर 'चक्रवात अर्नब' घोषित नहीं किया था।

इसलिए सोशल मीडिया पर वायरल दावों और आधिकारिक मौसम बुलेटिन के बीच अंतर समझना जरूरी है। मौसम से जुड़ी किसी भी चेतावनी के लिए IMD और स्थानीय प्रशासन की आधिकारिक जानकारी को प्राथमिकता देना बेहतर है।

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